Spread the loveराज्यभर में परीक्षा केंद्रों पर सख्त सुरक्षा घेरा नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और नकल-मुक्त बनाने के लिए उत्तराखंड शासन और पुलिस प्रशासन ने पूरे राज्य में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या पेपर लीक की संभावना को पूरी तरह रोका जा सके। परीक्षा केंद्रों पर लागू सख्त नियम राज्यभर के सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है। इससे परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ जुटने पर पूरी तरह रोक रहेगी और बाहरी हस्तक्षेप की संभावना समाप्त की जा सकेगी। परीक्षार्थियों को प्रवेश से पहले त्रिस्तरीय सुरक्षा जांच से गुजरना होगा, जिसमें गहन फ्रिस्किंग और दस्तावेज़ सत्यापन शामिल है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य किसी भी प्रकार की नकल सामग्री या प्रतिबंधित वस्तुओं को केंद्र के भीतर जाने से रोकना है। हाई-टेक निगरानी व्यवस्था इस बार परीक्षा को तकनीकी रूप से भी बेहद सुरक्षित बनाया गया है। सभी केंद्रों पर एआई आधारित फेशियल रिकग्निशन और बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू किया गया है, जिससे फर्जी परीक्षार्थियों (डमी कैंडिडेट्स) की पहचान तुरंत की जा सके। मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। सभी परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लाइव निगरानी की जाएगी, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के कमांड सेंटर से भी मॉनिटर किया जाएगा। इसके साथ ही इंटरनेट जैमर भी सक्रिय रहेंगे ताकि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन नकल या पेपर लीक की कोशिश को तुरंत रोका जा सके। पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस और खुफिया तंत्र को पूरी तरह सतर्क कर दिया गया है। लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) के अधिकारी सादे कपड़ों में परीक्षा केंद्रों और आसपास के इलाकों में तैनात रहेंगे ताकि किसी भी सॉल्वर गैंग या संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके। जिला स्तर पर विशेष कंट्रोल रूम भी सक्रिय किए गए हैं, जहां से किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि NEET-UG परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और नकल-मुक्त माहौल में संपन्न हो। इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को पहले की तुलना में काफी अधिक मजबूत और तकनीकी रूप से उन्नत बनाया गया है। Post Views: 2 Post navigation उत्तराखंड मौसम अलर्ट: पर्वतीय जिलों में येलो अलर्ट, मैदानी क्षेत्रों में भीषण गर्मी का कहर चंपावत सड़क हादसा: बापरू–बांतोली मार्ग पर कार खाई में गिरकर आग की चपेट में, 2 लोगों की मौत