रुद्रप्रयाग: नगरासू गुरुद्वारे में निहंगों का गतिरोध जारी, 5 अब भी छत पर डटे, इंटरनेट सेवा बंद और प्रशासन अलर्ट
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रुद्रप्रयाग: नगरासू गुरुद्वारे में निहंगों का गतिरोध जारी, 5 अब भी छत पर डटे, प्रशासन अलर्ट

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित नगरासू गुरुद्वारा (दमदमा साहिब) में चल रहा निहंग सिखों और प्रशासन के बीच गतिरोध अब भी पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाया है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, शनिवार से शुरू हुआ यह विवाद लगातार तीसरे दिन भी जारी है और इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

जानकारी के मुताबिक, गुरुद्वारे की छत पर डटे कुल 7 निहंग सिखों में से 2 निहंग प्रशासन से बातचीत के बाद सुरक्षित नीचे उतर आए हैं, जबकि 5 निहंग अभी भी तीसरी मंजिल पर अपने रुख पर अड़े हुए हैं। प्रशासन की ओर से लगातार समझाने और वार्ता के प्रयास जारी हैं।

विवाद की वजह और घटनाक्रम

यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब कर्णप्रयाग में निहंग सिखों के एक गुट की स्थानीय लोगों से झड़प हुई थी और बाद में कुछ लोगों की गिरफ्तारी की गई थी। इसके विरोध में निहंगों का एक समूह नगरासू गुरुद्वारे में पहुंचा और वहां कमरों की मांग को लेकर विवाद बढ़ गया।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मांग पूरी न होने पर स्थिति बिगड़ गई और गुरुद्वारे के अंदर टकराव की स्थिति बन गई। इसके बाद निहंग सिख छत पर चढ़ गए और खुद को वहां सीमित कर लिया।

सुरक्षा बलों की तैनाती और प्रशासन की कार्रवाई

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस के साथ-साथ भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और अन्य सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है।

प्रशासन ने एहतियातन कर्णप्रयाग और आसपास के क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं भी अस्थायी रूप से बंद कर दी थीं ताकि अफवाहों पर रोक लगाई जा सके। हालांकि, अब हालात को नियंत्रित करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

इंटरनेट बंद और अफवाहों पर रोक

प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।

वार्ता के प्रयास जारी

रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस टीम लगातार निहंगों से बातचीत कर रहे हैं। शुरुआती बातचीत के बाद दो निहंग नीचे उतरने पर सहमत हुए हैं, जबकि बाकी अभी भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। प्रशासन का दावा है कि स्थिति जल्द ही पूरी तरह नियंत्रित कर ली जाएगी।

स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल

घटना के चलते इलाके में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल बना हुआ है। आमतौर पर यह गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, लेकिन मौजूदा स्थिति के कारण आवाजाही प्रभावित हुई है।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति नियंत्रण में है और किसी भी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है। लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई है।

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