Spread the loveदेहरादून। प्रभातवाणी । राजधानी देहरादून स्थित कोरोनेशन अस्पताल में व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति उस समय सामने आ गई, जब जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई गंभीर खामियां और लापरवाहियां उजागर हुईं, जिन्हें देखकर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को मौके पर ही कड़ी फटकार लगाई और तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश जारी किए। निरीक्षण के दौरान सबसे चिंताजनक स्थिति अस्पताल के आईसीयू में देखने को मिली। उमस भरी गर्मी के बावजूद आईसीयू का एयर कंडीशनर बंद पाया गया। गंभीर मरीजों के लिए बनाए गए इस वार्ड में उचित तापमान व्यवस्था नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जिलाधिकारी ने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों से तत्काल जवाब मांगा। अस्पताल के वार्डों, शौचालयों और परिसर में भी व्यापक गंदगी देखने को मिली। कई स्थानों पर साफ-सफाई का अभाव था, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ था। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर स्वच्छता व्यवस्था की बदहाल स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि भर्ती मरीजों को ओढ़ने के लिए फटे और गंदे कंबल दिए जा रहे थे। मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही बुनियादी सुविधाओं की इस स्थिति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। सबसे संवेदनशील मामला अस्पताल में भर्ती एक लावारिस मरीज से जुड़ा मिला। मरीज की हालत नाजुक होने के बावजूद उसकी समुचित देखभाल नहीं की जा रही थी। जिलाधिकारी ने इसे गंभीर मानवीय लापरवाही करार देते हुए अधिकारियों को मरीज की तत्काल उचित चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अस्पताल में मिली इन अव्यवस्थाओं को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) को मौके पर ही कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने दोनों अधिकारियों को संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले डॉक्टरों, सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई के आदेश भी जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा। कोरोनेशन अस्पताल में सामने आई यह स्थिति सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि निरीक्षण के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं में तेजी से सुधार किया जाएगा, ताकि मरीजों को बेहतर और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। Post Views: 3 Post navigation हाईकोर्ट सख्त: डॉक्टरों के तबादलों पर उत्तराखंड सरकार से एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट