Spread the loveदेहरादून। दैनिक प्रभातवाणी। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए कई जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। मौसम विभाग की भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी के बाद राज्य के कई हिस्सों में भूस्खलन, सड़क अवरोध और जलभराव जैसी स्थितियां बनी हुई हैं। ऐसे में लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। 10 जिलों में स्कूलों की छुट्टी जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेशों के अनुसार देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, रुद्रप्रयाग सहित कुल 10 जिलों में कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी, अशासकीय, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालय बंद रहेंगे। इसके साथ ही बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन भी स्थगित कर दिया गया है। भर्ती परीक्षाओं और दस्तावेज सत्यापन पर असर भारी बारिश का प्रभाव विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं पर भी पड़ा है। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) की प्रवक्ता भर्ती से संबंधित दस्तावेज सत्यापन एवं अन्य निर्धारित प्रक्रियाएं मौसम की स्थिति के कारण प्रभावित हुई हैं। कई विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों ने अपनी आंतरिक परीक्षाओं, प्रायोगिक परीक्षाओं तथा अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को भी फिलहाल स्थगित कर दिया है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे नई तिथियों और आधिकारिक सूचनाओं के लिए संबंधित संस्थानों की वेबसाइट और नोटिस नियमित रूप से देखते रहें। प्रशासन ने जारी की महत्वपूर्ण सलाह भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की है— बच्चों को नदी, नाले, गदेरे और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास न जाने दें। अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। पहाड़ी मार्गों पर यात्रा से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें। जिला प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा नियंत्रण कक्ष से तुरंत संपर्क करें। छुट्टियां बढ़ सकती हैं अधिकारियों के अनुसार यदि मौसम की स्थिति में सुधार नहीं होता है और भारी बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो स्कूलों में अवकाश की अवधि बढ़ाई जा सकती है। ऐसे में विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की गई है कि वे जिला प्रशासन के आधिकारिक आदेशों और विश्वसनीय समाचार स्रोतों पर नियमित नजर बनाए रखें। राज्य में सक्रिय मानसून के चलते अगले कुछ दिनों तक कई जिलों में भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। प्रशासन लगातार हालात की निगरानी कर रहा है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे। Post Views: 2 Post navigation उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट: कई जिलों में रेड और ऑरेंज चेतावनी, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का बढ़ा खतरा उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर: 100 से अधिक सड़कें z बंद, चारधाम यात्रा प्रभावित, प्रशासन ने जारी की हाई अलर्ट एडवाइजरी