Spread the loveनैनीताल/हल्द्वानी। दैनिक प्रभातवाणी। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के विस्तार को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रगति सामने आई है। हल्द्वानी में प्रस्तावित नए न्यायिक परिसर को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 30 न्यायाधीशों की क्षमता वाला अत्याधुनिक परिसर विकसित किया जाएगा। यह परियोजना न केवल न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाएगी, बल्कि कुमाऊं क्षेत्र के आर्थिक और आधारभूत विकास को भी नई गति देने का काम करेगी। मुख्य बातें हल्द्वानी में बनेगा 30 जजों की क्षमता वाला आधुनिक न्यायिक परिसर। डिजिटल और हाईटेक सुविधाओं से लैस होगा नया कॉम्प्लेक्स। न्यायिक कार्यों के बढ़ते बोझ को ध्यान में रखकर तैयार होगी योजना। कुमाऊं क्षेत्र में रोजगार, व्यापार और इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बड़ा बढ़ावा। भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित होगी आधुनिक न्यायिक टाउनशिप। कैसा होगा नया न्यायिक परिसर? प्रस्तावित न्यायिक परिसर को केवल अदालत भवन के रूप में नहीं, बल्कि एक समग्र न्यायिक परिसर (Judicial Township) के रूप में विकसित करने की योजना है। परियोजना में आधुनिक कोर्ट रूम, डिजिटल सुनवाई की सुविधाएं, ई-कोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, विशाल बार रूम, अधिवक्ताओं के चैंबर, रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए आधुनिक व्यवस्था, वादकारियों के लिए प्रतीक्षालय, पर्याप्त पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था और हरित परिसर विकसित किया जाएगा। इसके अलावा दिव्यांगजन के लिए सुगम सुविधाओं और ऊर्जा संरक्षण को ध्यान में रखते हुए भवन का डिजाइन तैयार किया जाएगा। क्यों जरूरी है नया परिसर? उत्तराखंड उच्च न्यायालय में समय के साथ मामलों की संख्या और न्यायिक कार्यों का दायरा लगातार बढ़ा है। वर्तमान व्यवस्थाओं पर बढ़ते दबाव को देखते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बड़े और आधुनिक न्यायिक परिसर की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। 30 न्यायाधीशों की क्षमता वाला यह परिसर आने वाले वर्षों की जरूरतों को पूरा करने के साथ न्यायिक व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाएगा। कुमाऊं क्षेत्र को होंगे कई बड़े लाभ न्याय तक आसान पहुंच कुमाऊं मंडल के विभिन्न जिलों से आने वाले वादकारियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। आधुनिक परिसर से न्यायिक प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनने की उम्मीद है। आर्थिक गतिविधियों में तेजी इतनी बड़ी परियोजना से हल्द्वानी में होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन, किराये के आवास, रियल एस्टेट और अन्य सेवा क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। स्थानीय व्यापारियों और छोटे व्यवसायों को भी इसका लाभ मिलेगा। रोजगार के नए अवसर निर्माण कार्य के दौरान बड़ी संख्या में रोजगार उत्पन्न होंगे। परिसर के संचालन के बाद प्रशासनिक स्टाफ, सुरक्षा, तकनीकी सेवाओं, रखरखाव और अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास परियोजना के साथ सड़क संपर्क, यातायात व्यवस्था, जल निकासी, बिजली, पार्किंग और अन्य नागरिक सुविधाओं के विकास को भी गति मिलने की संभावना है, जिससे पूरे हल्द्वानी शहर को दीर्घकालिक लाभ होगा। पर्यावरण का भी रखा जाएगा ध्यान प्रस्तावित न्यायिक परिसर के निर्माण में पर्यावरणीय मानकों का पालन किया जाएगा। भवन को ऊर्जा दक्ष, हरित क्षेत्र युक्त तथा आधुनिक पर्यावरण अनुकूल तकनीकों के साथ विकसित करने की योजना है। आगे क्या? परियोजना से संबंधित भूमि, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR), बजट और निर्माण की समय-सीमा से जुड़े औपचारिक निर्णय संबंधित स्तर पर लिए जाएंगे। इनके अंतिम रूप लेने के बाद निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हल्द्वानी में प्रस्तावित 30 जजों की क्षमता वाला आधुनिक न्यायिक परिसर उत्तराखंड की न्यायिक व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह परियोजना न्यायिक सुविधाओं को आधुनिक बनाने के साथ-साथ कुमाऊं क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक और आधारभूत विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। Post Views: 2 Post navigation फर्जी स्कूल अवकाश आदेश से सावधान: नैनीताल प्रशासन ने जारी की अहम चेतावनी उत्तराखंड में फिर सक्रिय हुआ मानसून, पांच पर्वतीय जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट; भूस्खलन और आकाशीय बिजली का खतरा