देहरादून में ₹30 लाख की एमडीएमए और स्मैक बरामद, 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत सहारनपुर का तस्कर गिरफ्तार
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देहरादून। दैनिक प्रभातवाणी ।

उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के अभियान के तहत देहरादून पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। ‘ऑपरेशन प्रहार’ के अंतर्गत रायपुर थाना पुलिस और एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की संयुक्त टीम ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी एक शातिर ड्रग तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग ₹30 लाख कीमत की एमडीएमए (MDMA) और स्मैक बरामद की है। पुलिस के अनुसार आरोपी इन नशीले पदार्थों की सप्लाई देहरादून के नामी शिक्षण संस्थानों के छात्रों और हाई-प्रोफाइल पार्टियों में करने की तैयारी में था।

गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की पहचान दानिश, निवासी मिर्जापुर, जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में की है।

आरोपी के पास से बरामद सामग्री में शामिल हैं:

  • 48.55 ग्राम एमडीएमए (MDMA/एक्स्टसी)
  • 40.75 ग्राम स्मैक (हेरोइन)

पुलिस के अनुसार अंतरराष्ट्रीय ब्लैक मार्केट में इन नशीले पदार्थों की कुल कीमत लगभग ₹30 लाख आंकी गई है।

छात्रों और हाई-प्रोफाइल पार्टियों को बनाया था निशाना

पूछताछ में आरोपी ने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। पुलिस के मुताबिक दानिश उत्तर प्रदेश के बरेली और सहारनपुर से कम कीमत पर नशीले पदार्थ खरीदकर उन्हें देहरादून लाता था। इसके बाद वह इन्हें अधिक दामों पर विभिन्न कॉलेजों, विश्वविद्यालयों के छात्रों तथा सप्ताहांत में आयोजित होने वाली हाई-प्रोफाइल क्लब पार्टियों में बेचता था।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी स्थानीय ड्रग पेडलर्स के माध्यम से अपना नेटवर्क संचालित करता था। अब पुलिस उसके संपर्क में रहने वाले अन्य तस्करों, सप्लायरों और ग्राहकों की पहचान कर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी है।

‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत लगातार कार्रवाई

देहरादून पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ का उद्देश्य राज्य में नशे के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाना और युवाओं को ड्रग्स की गिरफ्त से बचाना है। हाल के महीनों में पुलिस ने कई बड़े ड्रग रैकेट का पर्दाफाश कर करोड़ों रुपये के नशीले पदार्थ बरामद किए हैं।

एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज

गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं तथा नशीले पदार्थों की सप्लाई किन-किन क्षेत्रों तक की जा रही थी।

पुलिस की अपील

देहरादून पुलिस ने अभिभावकों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और यदि कहीं भी नशे की बिक्री, तस्करी या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। पुलिस का कहना है कि समाज और जनता के सहयोग से ही ‘ड्रग-फ्री देवभूमि’ का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

उत्तराखंड पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे नेटवर्क के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

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