Spread the loveदेहरादून/बद्रीनाथ। दैनिक प्रभातवाणी । बद्रीनाथ धाम में दान पात्र खोलने के दौरान 34 में से 30 अवसरों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं मिलने के मामले ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। विशेष जांच दल (SIT) ने मंदिर परिसर के CCTV कंट्रोल रूम से नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर (NVR) सहित महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य अपने कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में कुछ रिकॉर्डिंग के डिलीट या छेड़छाड़ किए जाने की आशंका जताई गई है, जिनकी रिकवरी के लिए FSL की सहायता ली जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फुटेज तकनीकी कारणों से गायब हुई या फिर उसे जानबूझकर हटाया गया। इसके साथ ही जिन दिनों दान पात्र खोले गए, उन दिनों ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों और बैंक प्रतिनिधियों से पूछताछ की जा रही है। मंदिर समिति के रिकॉर्ड, बैंक जमा विवरण और दान संबंधी दस्तावेजों का भी मिलान किया जा रहा है ताकि किसी वित्तीय अनियमितता की पुष्टि की जा सके। इस मामले में पहले ही BKTC के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, उत्तराखंड सरकार ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की है और SIT लगातार साक्ष्य जुटा रही है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 34 में से 30 रिकॉर्डिंग उपलब्ध न होना अपने आप में किसी व्यक्ति के दोषी होने का अंतिम प्रमाण नहीं है। डिजिटल फॉरेंसिक जांच पूरी होने और SIT की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि रिकॉर्डिंग तकनीकी कारणों से गायब हुई या किसी ने जानबूझकर साक्ष्यों से छेड़छाड़ की। (अपडेट जारी: SIT की जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।) Post Views: 2 Post navigation हरिद्वार में महिला से छेड़छाड़ के आरोप पर बवाल, भीड़ ने दो पर्यटकों की पिटाई कर पुलिस के हवाले किया