Spread the loveनई दिल्ली | भारत | 10 फरवरी 2026 | दैनिक प्रभातवाणीकेंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026‑27 शैक्षणिक वर्ष से कक्षा 12 के बोर्ड परीक्षा के उत्तरपत्रों का मूल्यांकन डिजिटल माध्यम से करने की घोषणा की है। इस नई ऑन‑स्क्रीन मार्किंग (On‑Screen Marking) प्रणाली के तहत मूल्यांकन को तेज़, सटीक और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है।CBSE के अधिकारियों ने बताया कि ऑन‑स्क्रीन मूल्यांकन से परीक्षार्थियों के उत्तरपत्रों की जांच में समय की बचत होगी और मूल्यांकन की गुणवत्ता में सुधार होगा। इसके अलावा, मूल्यांकन में किसी भी प्रकार की मानवीय त्रुटि को न्यूनतम किया जा सकेगा।इस बदलाव के लिए सभी स्कूलों को आवश्यक तकनीकी तैयारी पूरी करने और इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षकों और मूल्यांककों को नई प्रणाली पर प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की समस्या न आए।शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऑन‑स्क्रीन मार्किंग प्रणाली से न केवल मूल्यांकन में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि डेटा का संग्रहण और विश्लेषण भी आसान होगा। इससे भविष्य में नीतियों और सुधारों के लिए सटीक आंकड़ों का उपयोग किया जा सकेगा।CBSE का यह कदम भारतीय शिक्षा प्रणाली में तकनीकी प्रगति और आधुनिककरण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो छात्रों, शिक्षकों और स्कूलों के लिए लाभकारी साबित होगा। Post Views: 11 Post navigationवैश्विक शिक्षा संगठनों में मान्यता, UC Berkeley को मिला Black-Serving Institution का दर्जा नई शैक्षणिक योजना ‘लखनापति बिटिया योजना’: बालिकाओं की शिक्षा को मिलेगा आर्थिक संबल
नई दिल्ली | भारत | 10 फरवरी 2026 | दैनिक प्रभातवाणीकेंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026‑27 शैक्षणिक वर्ष से कक्षा 12 के बोर्ड परीक्षा के उत्तरपत्रों का मूल्यांकन डिजिटल माध्यम से करने की घोषणा की है। इस नई ऑन‑स्क्रीन मार्किंग (On‑Screen Marking) प्रणाली के तहत मूल्यांकन को तेज़, सटीक और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है।CBSE के अधिकारियों ने बताया कि ऑन‑स्क्रीन मूल्यांकन से परीक्षार्थियों के उत्तरपत्रों की जांच में समय की बचत होगी और मूल्यांकन की गुणवत्ता में सुधार होगा। इसके अलावा, मूल्यांकन में किसी भी प्रकार की मानवीय त्रुटि को न्यूनतम किया जा सकेगा।इस बदलाव के लिए सभी स्कूलों को आवश्यक तकनीकी तैयारी पूरी करने और इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षकों और मूल्यांककों को नई प्रणाली पर प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की समस्या न आए।शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऑन‑स्क्रीन मार्किंग प्रणाली से न केवल मूल्यांकन में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि डेटा का संग्रहण और विश्लेषण भी आसान होगा। इससे भविष्य में नीतियों और सुधारों के लिए सटीक आंकड़ों का उपयोग किया जा सकेगा।CBSE का यह कदम भारतीय शिक्षा प्रणाली में तकनीकी प्रगति और आधुनिककरण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो छात्रों, शिक्षकों और स्कूलों के लिए लाभकारी साबित होगा।