January 12, 2026

“NIST की क्वांटम आयन घड़ी ने रचा इतिहास, बनी विश्व की सबसे सटीक घड़ी”

"NIST की क्वांटम आयन घड़ी ने रचा इतिहास, बनी विश्व की सबसे सटीक घड़ी"
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दैनिक प्रभातवाणी विशेष रिपोर्ट | विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
“NIST की क्वांटम आयन घड़ी ने रचा इतिहास, बनी विश्व की सबसे सटीक घड़ी”
रिपोर्ट: विशेष संवाददाता


वॉशिंगटन डीसी, अमेरिका – समय मापने की दुनिया में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है। अमेरिका स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्टैंडर्ड्स एंड टेक्नोलॉजी (NIST) के वैज्ञानिकों ने एक नई तरह की क्वांटम लॉजिक आयन घड़ी (Quantum Logic Ion Clock) विकसित की है, जो अब तक की सबसे सटीक घड़ी मानी जा रही है। यह घड़ी समय को 19वें दशमलव स्थान तक माप सकती है – यानी एक सेकंड को इतनी सूक्ष्मता से बाँटा गया है कि कल्पना करना भी मुश्किल है।


क्या है यह ‘क्वांटम लॉजिक क्लॉक’?

यह घड़ी एक एल्युमीनियम आयन और एक मैग्नीशियम आयन की मदद से समय का मापन करती है। इसे क्वांटम कम्प्यूटिंग तकनीकों के आधार पर विकसित किया गया है, जो कि परंपरागत परमाणु घड़ियों से कहीं अधिक उन्नत है।

इस घड़ी को बनाने और लगातार सुधारने में वैज्ञानिकों को लगभग 20 वर्षों का समय लगा।


 दो महत्वपूर्ण कसौटियाँ – सटीकता और स्थिरता

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से किसी भी घड़ी की गुणवत्ता को दो मुख्य आधारों पर परखा जाता है:

  1. सटीकता (Accuracy): यानी घड़ी कितनी नजदीक है “सच्चे समय” को मापने के।

  2. स्थिरता (Stability): यानी घड़ी कितनी लगातार और विश्वसनीय रूप से समय माप सकती है।

NIST की नई आयन घड़ी ने इन दोनों मापदंडों में पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इसकी सटीकता पिछले रिकॉर्ड से 41% ज्यादा है, जबकि स्थिरता अन्य किसी भी आयन घड़ी की तुलना में 2.6 गुना बेहतर है।


 वैज्ञानिकों का बयान

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बारे में प्रमुख शोधकर्ता मेसन मार्शल (Mason Marshall) ने कहा:

“दुनिया की सबसे सटीक घड़ी पर काम करना बेहद रोमांचक अनुभव है। NIST में हमें वर्षों तक लगातार उच्चतम स्तर की माप तकनीकों पर काम करने का अवसर मिलता है, जिससे हम विज्ञान की सीमाओं को और आगे ले जा सकते हैं।”

अन्य प्रमुख वैज्ञानिकों में डेविड ह्यूम, विला आर्थर-ड्वोरशैक और डैनियल रोड्रिगेज कैस्टिलो भी शामिल हैं, जिन्होंने इस परियोजना में योगदान दिया।


तकनीकी पक्ष: कैसे काम करती है यह घड़ी?

  • यह घड़ी एक विशेष प्रकार के ट्रैप्ड एल्युमीनियम आयन का उपयोग करती है, जिसे एक मैग्नीशियम आयन की मदद से ठंडा और स्थिर किया जाता है।

  • आयन को लेजर के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है और उसके दो ऊर्जा स्तरों के बीच परिवर्तन का अध्ययन कर समय मापा जाता है।

  • पूरे सिस्टम को एक अत्यधिक वैक्यूम चेंबर में रखा जाता है ताकि बाहरी हस्तक्षेप से सटीकता पर कोई असर न पड़े।


 क्यों महत्वपूर्ण है यह खोज?

  • अंतरराष्ट्रीय समय की परिभाषा (Definition of the Second): वर्तमान में समय की इकाई “सेकंड” को फिर से परिभाषित करने की वैश्विक योजना चल रही है। यह नई घड़ी इस दिशा में सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरी है।

  • सैद्धांतिक भौतिकी में योगदान: इतनी सटीक घड़ी से वैज्ञानिक ब्रह्मांड के उन रहस्यों को भी जान सकते हैं, जो अब तक समय और गुरुत्वाकर्षण के बेहद सूक्ष्म प्रभावों से जुड़े हैं।

  • तकनीकी विकास: GPS, टेलीकम्युनिकेशन, इंटरनेट टाइमिंग, क्वांटम नेटवर्किंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के लिए यह घड़ी नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है।


कहां प्रकाशित हुआ शोध?

इस शोध को प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका Physical Review Letters में प्रकाशित किया गया है, जो विश्व स्तर पर भौतिकी के क्षेत्र में शीर्ष स्थान रखती है।


 टीम की झलक

NIST द्वारा जारी तस्वीर में चार प्रमुख वैज्ञानिक — मेसन मार्शल, डेविड ह्यूम, विला आर्थर-ड्वोरशैक और डैनियल रोड्रिगेज कैस्टिलो — इस अत्याधुनिक घड़ी के सामने खड़े नजर आ रहे हैं, जो तारों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लैस है।


भविष्य की दिशा

इस घड़ी के जरिए हम न केवल समय को बेहतर समझ पाएंगे, बल्कि गुरुत्वाकर्षण की लघु-स्तरीय परिवर्तनशीलता, डार्क मैटर की खोज, और पृथ्वी की आंतरिक हलचलों तक को पहले से अधिक सटीकता से माप सकेंगे।


दैनिक प्रभातवाणी

NIST द्वारा विकसित यह नई क्वांटम आयन घड़ी केवल एक तकनीकी उपकरण नहीं है, बल्कि यह समय की माप में मानव सभ्यता का अब तक का सबसे बड़ा कदम है। इसके द्वारा हम समय को सिर्फ माप ही नहीं पाएंगे, बल्कि भविष्य को नई वैज्ञानिक दृष्टि से देखने और समझने में भी सक्षम होंगे


सूचना स्रोत: R. Jacobson/NIST | Physical Review Letters
प्रकाशन वर्ष: 2025
प्रस्तुति: दैनिक प्रभातवाणी विज्ञान डेस्क
अधिक जानकारी के लिए देखें: www.nist.gov