January 15, 2026

SBI शेयरों में गिरावट: 22 जुलाई को बाज़ार में छाई मंदी, निवेशकों में चिंता

SBI शेयरों में गिरावट: 22 जुलाई को बाज़ार में छाई मंदी, निवेशकों में चिंता
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2 जुलाई 2025
दैनिक प्रभातवाणी आर्थिक डेस्क


देश के सबसे बड़े बैंक के शेयरों में गिरावट

22 जुलाई 2025 को भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के शेयरों में 1.12% की गिरावट देखी गई, और ये ₹815.00 के स्तर पर बंद हुए। यह गिरावट ऐसे समय में आई जब संपूर्ण बाजार में हल्की कमजोरी का रुख रहा। BSE SENSEX भी 0.02% की मामूली गिरावट के साथ 82,186.81 अंकों पर बंद हुआ।

लेकिन सवाल यह उठता है – क्या ये केवल बाजार की सामान्य हलचल थी या इसके पीछे कुछ और गहरे कारण छिपे हैं?


SBI शेयर प्रदर्शन: आंकड़ों की नजर में

दिनांकओपनिंग प्राइसहाईलोक्लोजिंग प्राइस% गिरावट
22 जुलाई 2025₹824.20₹828.70₹812.50₹815.00-1.12%

इस गिरावट के साथ SBI का बाजार पूंजीकरण करीब ₹15,000 करोड़ घटा, जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियो पर असर पड़ा है।


बाजार में गिरावट के पीछे क्या हैं कारण?

SBI शेयरों की गिरावट सिर्फ एक बैंक तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह संपूर्ण बैंकिंग सेक्टर में फैली कमजोरी का हिस्सा थी। निम्नलिखित कारकों को इसकी वजह माना जा रहा है:

1. वैश्विक बाजारों की अस्थिरता

अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव, यूरोपीय बैंकिंग संकट और फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में बदलाव की संभावनाओं ने भारतीय बाजार पर नकारात्मक असर डाला।

2. निवेशकों की मुनाफावसूली

SBI के शेयर बीते दो महीने में 18% तक ऊपर गए थे। कई संस्थागत निवेशकों ने इस उच्च स्तर पर मुनाफा बुक किया, जिससे शेयर पर दबाव बना।

3. क्रेडिट ग्रोथ अनुमान में कटौती

कुछ ब्रोकरेज हाउस ने FY25 के लिए बैंकिंग सेक्टर की लोन ग्रोथ पर निगेटिव अनुमान जारी किया, जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।


तकनीकी विश्लेषण: कहां है सपोर्ट और रेजिस्टेंस?

तकनीकी चार्ट पर SBI के शेयरों ने ₹812–₹814 पर मजबूत इंट्रामंथ सपोर्ट बनाया है। हालांकि अगर यह स्तर टूटता है तो अगला बड़ा सपोर्ट ₹790 के आसपास होगा।

 RSI (Relative Strength Index):

RSI 47 पर है, जो न्यूट्रल ज़ोन में आता है। यह दर्शाता है कि अभी ओवरबॉट या ओवरसोल्ड स्थिति नहीं है।

 MACD:

MACD लाइन सिग्नल लाइन के नीचे चली गई है, जो गिरावट की ओर इशारा करती है।

रेजिस्टेंस लेवल: ₹835

सपोर्ट लेवल: ₹812 → ₹790


निवेशक भावना: डर, इंतजार और रणनीति

छोटे निवेशक जहां इस गिरावट से घबराए हैं, वहीं लंबी अवधि के निवेशकों और म्यूचुअल फंड हाउसेज का मानना है कि यह एक स्वस्थ करेक्शन है और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से SBI अभी भी मजबूत स्थिति में है।

 निवेशकों की राय:

“SBI भारत की रीढ़ है। अगर इस तरह के स्टॉक में हल्का उतार-चढ़ाव हो तो घबराने की जरूरत नहीं है,” — एक खुदरा निवेशक

“हमने ₹810–₹815 के स्तर पर और खरीदारी की है। यह एक अच्छा मौका है,” — एक ब्रोकरेज फर्म के पोर्टफोलियो मैनेजर


SBI की मौलिक स्थिति: मजबूत नींव और भविष्य की दिशा

Net Profit (Q1 FY25): ₹20,980 करोड़

 Gross NPA: 2.32% (अब तक का न्यूनतम स्तर)

Credit Growth: 14.6%

CASA Ratio: 43.5%

Digital Transactions का हिस्सा: 72% से अधिक

इन आँकड़ों से यह स्पष्ट है कि SBI की मौलिक स्थिति (Fundamentals) मजबूत है। इसके डिजिटल बैंकिंग पोर्टफोलियो, ग्रामीण विस्तार और सरकारी योजनाओं में हिस्सेदारी ने इसे बैंकों में अग्रणी बना दिया है।


Sensex में गिरावट: SBI अकेला नहीं, बाजार भी कमजोर

22 जुलाई को सिर्फ SBI नहीं, बल्कि अन्य प्रमुख बैंकिंग स्टॉक्स जैसे HDFC Bank, ICICI Bank, और Axis Bank में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई। Sensex में आई 0.02% की गिरावट इसका प्रमाण है।

🔻 अन्य प्रभावित शेयर:

  • HDFC Bank: -0.36%

  • ICICI Bank: -0.28%

  • Kotak Mahindra: -0.44%


वैश्विक संकेत और विदेशी निवेशक (FII) की भूमिका

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FII) ने 22 जुलाई को लगभग ₹780 करोड़ की बिकवाली की। साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी ने भी बाजार की धारणा पर नकारात्मक प्रभाव डाला।


निष्कर्ष: गिरावट – डर नहीं, अवसर

SBI जैसे मजबूत बुनियादी आधार वाले स्टॉक्स में ऐसी गिरावट को अनुभवी निवेशक “खरीदारी के अवसर” के रूप में देखते हैं। हालांकि, अल्पकालिक निवेशकों के लिए सतर्कता आवश्यक है।

बाजार में ऐसे समय में धैर्य और विवेक से निर्णय लेना ही समझदारी है। SBI की भूमिका देश की अर्थव्यवस्था और बैंकिंग क्षेत्र में केंद्रीय बनी रहेगी, और यह गिरावट केवल एक क्षणिक रुकावट है।