February 20, 2026

काशीपुर किसान आत्महत्या प्रकरण में हाईकोर्ट की दखल, आरोपियों की गिरफ्तारी पर लगी रोक

उत्तराखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: वन गुझ्जरों को बेदखली से राहत, अधिकारों के निपटारे तक नहीं हटाया जा सकेगा

उत्तराखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: वन गुझ्जरों को बेदखली से राहत, अधिकारों के निपटारे तक नहीं हटाया जा सकेगा

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दैनिक प्रभातवाणी | 17 जनवरी 2026 | नैनीताल

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने काशीपुर क्षेत्र में एक किसान की आत्महत्या से जुड़े विवादित मामले में अहम आदेश जारी करते हुए कुछ नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने साथ ही मामले की जांच जारी रखने के निर्देश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि सत्य तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच अनिवार्य है।

यह मामला काशीपुर के एक किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई आत्महत्या से जुड़ा है, जिसमें परिजनों की ओर से कुछ लोगों पर मानसिक उत्पीड़न और दबाव बनाने के आरोप लगाए गए थे। इस संबंध में दर्ज मुकदमे के बाद आरोपियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और गिरफ्तारी पर रोक की मांग की थी।

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया जांच अभी पूरी नहीं हुई है और ऐसे में जल्दबाजी में की गई गिरफ्तारी से न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी पर रोक का अर्थ यह नहीं है कि जांच प्रभावित होगी या आरोपी दोषमुक्त माने जाएंगे।

न्यायालय ने जांच एजेंसी को निर्देश दिया है कि वह सभी पहलुओं की गहराई से जांच करे, किसान की आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाए और किसी भी पक्ष के साथ भेदभाव न किया जाए। अदालत ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद यदि साक्ष्य मिलते हैं तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

इस मामले ने स्थानीय स्तर पर भी काफी चर्चा पैदा की है। किसान संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, वहीं दूसरी ओर आरोपियों का कहना है कि उन्हें बिना ठोस सबूतों के फंसाया गया है।

हाईकोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई की तारीख तय करते हुए राज्य सरकार और जांच एजेंसी से प्रगति रिपोर्ट भी तलब की है। फिलहाल, अदालत के आदेश के बाद आरोपियों को गिरफ्तारी से राहत मिली है, लेकिन जांच प्रक्रिया जारी रहेगी।