उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी का निधन, प्रदेश में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित
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Bhuvan Chandra Khanduri का मंगलवार को देहरादून स्थित Max Super Speciality Hospital में निधन हो गया। उन्होंने 91 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर फैल गई। राजनीतिक, सामाजिक और सैन्य जगत से जुड़े लोगों ने उनके निधन को राज्य के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।

उत्तराखंड सरकार ने उनके सम्मान में प्रदेशभर में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार इस दौरान सरकारी कार्यक्रमों में किसी प्रकार का शासकीय मनोरंजन आयोजित नहीं किया जाएगा तथा राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे। राज्य सरकार ने यह भी घोषणा की है कि 20 मई को होने वाली उनकी अंत्येष्टि पुलिस सम्मान के साथ संपन्न कराई जाएगी।

राजकीय शोक के चलते 20 मई को राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ विद्यालय शिक्षा के अंतर्गत आने वाले सभी शासकीय, अशासकीय और निजी शिक्षण संस्थान भी बंद रहेंगे। माध्यमिक और प्रारंभिक शिक्षा विभाग की ओर से सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए गए हैं, ताकि शासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा सके।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी का निधन, प्रदेश में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित

Bhuvan Chandra Khanduri उत्तराखंड की राजनीति का एक बड़ा और सम्मानित चेहरा रहे। उनका जन्म 1 अक्टूबर 1933 को पौड़ी गढ़वाल में हुआ था। राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारतीय सेना में करीब 36 वर्षों तक सेवाएं दीं। वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और सेना में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें अतिविशिष्ट सेवा मेडल से भी सम्मानित किया गया था।

सेना से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया और गढ़वाल क्षेत्र से कई बार लोकसभा सांसद चुने गए। वे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में दो बार कार्यरत रहे। पहली बार वर्ष 2007 से 2009 तक और दूसरी बार वर्ष 2011 से 2012 तक उन्होंने प्रदेश की कमान संभाली। अपने कार्यकाल के दौरान वे सादगी, ईमानदार छवि और प्रशासनिक सख्ती के लिए पहचाने जाते थे।

उनके निधन पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री समेत कई राष्ट्रीय नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। Narendra Modi, Amit Shah और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें अनुशासित सैनिक, ईमानदार राजनेता और उत्तराखंड के विकास के प्रति समर्पित नेता बताया।

उत्तराखंड के वरिष्ठ नेताओं ने भी उनके निधन को राज्य की राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताया है। Harish Rawat सहित कई नेताओं ने कहा कि भुवन चंद्र खंडूड़ी का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

Uttarakhand में उनके निधन के बाद आम लोगों के बीच भी गहरा दुख देखा जा रहा है। सामाजिक संगठनों, पूर्व सैनिकों और विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन को प्रेरणादायक बताया है।

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