उत्तराखंड में कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण संपन्न हुई NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा, परीक्षा केंद्रों के बाहर धारा 163 रही लागू
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देहरादून। दैनिक प्रभातवाणी।

उत्तराखंड में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG 2026) की पुनर्परीक्षा रविवार को कड़े सुरक्षा प्रबंधों और सख्त प्रशासनिक निगरानी के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार, जिला प्रशासन, पुलिस और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की थी। देहरादून सहित राज्य के सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती रही और पूरी परीक्षा प्रक्रिया की लगातार निगरानी की गई। अधिकारियों के अनुसार परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की बड़ी अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था संबंधी घटना सामने नहीं आई।

पिछले दिनों परीक्षा को लेकर सामने आई अनियमितताओं और पारदर्शिता से जुड़े सवालों के बाद आयोजित इस पुनर्परीक्षा को लेकर प्रशासन पहले से ही पूरी तरह सतर्क था। इसी कारण परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए और परीक्षार्थियों को समय से पहले केंद्रों पर पहुंचने की सलाह दी गई। प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की पहचान, दस्तावेजों और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुसार पूरी की गई ताकि परीक्षा की निष्पक्षता पर किसी प्रकार का प्रश्नचिह्न न लगे।

राजधानी देहरादून में जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत सभी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू की थी। इस अवधि के दौरान परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ एकत्र करने, प्रदर्शन करने तथा किसी भी ऐसी गतिविधि पर रोक रही जिससे परीक्षा प्रभावित हो सकती थी। प्रशासन का उद्देश्य परीक्षार्थियों को शांत और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना था।

परीक्षा के दौरान केंद्रों के बाहर लाउडस्पीकर बजाने, राजनीतिक नारेबाजी, भड़काऊ भाषण देने तथा किसी भी प्रकार के प्रचार सामग्री या पर्चे वितरित करने पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया था। अधिकारियों ने परीक्षा शुरू होने से पहले ही सभी संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर दिए थे कि किसी भी स्थिति में परीक्षा की गोपनीयता और अनुशासन प्रभावित नहीं होना चाहिए।

राजधानी देहरादून में स्थापित 16 परीक्षा केंद्रों पर छह हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने पुनर्परीक्षा में भाग लिया। बड़ी संख्या में छात्रों के पहुंचने के बावजूद प्रवेश व्यवस्था सुव्यवस्थित रही। पुलिस, प्रशासन और परीक्षा केंद्रों के कर्मचारियों के समन्वय से अभ्यर्थियों को बिना किसी परेशानी के समय पर परीक्षा कक्षों तक पहुंचाया गया।

पूरी परीक्षा प्रक्रिया की राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी की गई। पुलिस के नोडल अधिकारी लोकजीत सिंह तथा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की टीम ने रीयल-टाइम मॉनिटरिंग करते हुए सभी परीक्षा केंद्रों से लगातार सूचना प्राप्त की। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलग-अलग स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया दल भी तैयार रखे गए थे।

प्रशासन ने परीक्षा से पहले अभिभावकों और छात्रों से अपील की थी कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली किसी भी अपुष्ट सूचना या अफवाह पर विश्वास न करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परीक्षा पूरी तरह निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार आयोजित की जा रही है और किसी भी भ्रामक सूचना के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

परीक्षा समाप्त होने के बाद अधिकांश अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली। कई छात्रों ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सुदृढ़ थी और परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। अभिभावकों ने भी प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि परीक्षा केंद्रों के बाहर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन संतोषजनक रहा।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने पहले ही स्पष्ट किया था कि पुनर्परीक्षा का उद्देश्य सभी अभ्यर्थियों को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया उपलब्ध कराना है। एजेंसी ने यह भी कहा कि परीक्षा से संबंधित सभी प्रक्रियाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरी की जा रही हैं और परिणाम भी तय प्रक्रिया के अनुसार घोषित किए जाएंगे।

उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन का कहना है कि राज्य में आयोजित पुनर्परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण रही और सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से इसे सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। अब अभ्यर्थियों की निगाहें उत्तर कुंजी, परिणाम और आगे शुरू होने वाली मेडिकल प्रवेश काउंसलिंग प्रक्रिया पर टिकी हैं।

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