Spread the love उत्तराखंड के जंगलों में लगी भीषण आग अब विकराल रूप लेती जा रही है। पहाड़ों के जंगलों में धधक रही आग अब रिहायशी इलाकों और गांवों तक पहुंच गई है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। कई जिलों में जंगलों से उठती आग की लपटें गांवों के बेहद करीब पहुंच गई हैं और धुएं के कारण लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। इस दर्दनाक स्थिति में आग की चपेट में आने से 2 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई घरों और पशुशालाओं को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आ रही हैं। गांवों तक पहुंची आग, लोगों में दहशत Uttarakhandके कई पर्वतीय जिलों में जंगलों की आग तेजी से फैल रही है। तेज गर्मी, सूखी वनस्पति और तेज हवाओं के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है। कई गांवों के लोगों को रातभर जागकर अपने घरों को बचाने की कोशिश करनी पड़ रही है। आग की वजह से खेत, पेड़-पौधे और जंगलों की जैव विविधता को भारी नुकसान पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई स्थानों पर आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि धुएं और गर्मी के कारण सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। दो लोगों की दर्दनाक मौत भीषण आग की चपेट में आने से 2 लोगों की मौत हो गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों ग्रामीण आग बुझाने या अपने घरों को बचाने की कोशिश कर रहे थे, तभी आग ने उन्हें घेर लिया। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। घटना के बाद प्रभावित इलाकों में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है। चारधाम यात्रा रूट पर असर जंगलों की आग का असर अब चारधाम यात्रा पर भी दिखाई देने लगा है। Kedarnath Temple, Badrinath Temple, Gangotri Temple और Yamunotri Temple यात्रा मार्गों पर कई स्थानों में धुआं फैलने से दृश्यता प्रभावित हो रही है। प्रशासन ने यात्रियों से सतर्क रहने और मौसम व प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। कुछ इलाकों में सड़क किनारे जंगलों में आग लगने से यातायात प्रभावित हुआ है। दमकल और वन विभाग की टीमें लगातार आग बुझाने में जुटी हुई हैं ताकि यात्रा मार्ग सुरक्षित बनाए रखे जा सकें। प्रशासन और वन विभाग अलर्ट पर Uttarakhand Forest Department, SDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य चला रही हैं। कई जगहों पर फायर लाइन बनाई जा रही है ताकि आग को गांवों तक फैलने से रोका जा सके। कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में ग्रामीणों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी और सूखे मौसम के कारण जंगलों में आग की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। पर्यावरणविदों ने इसे जलवायु परिवर्तन और मानवीय लापरवाही दोनों का परिणाम बताया है। पर्यावरण और वन्यजीवों पर बड़ा खतरा जंगलों में लगी आग केवल पेड़ों को ही नहीं बल्कि वन्यजीवों और पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचा रही है। कई क्षेत्रों में जंगली जानवर आबादी वाले इलाकों की ओर आने लगे हैं। धुएं के कारण वायु गुणवत्ता भी खराब हो रही है, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को सांस संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञों ने लोगों से जंगलों में आग लगाने वाली गतिविधियों से बचने, जलती बीड़ी-सिगरेट न फेंकने और किसी भी आग की सूचना तुरंत प्रशासन या वन विभाग को देने की अपील की है। Post Views: 2 Post navigation उत्तराखंड में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, हीटवेव का कहर और मौसम का अलर्ट सहकारी बैंकों में महिलाओं को 33% आरक्षण, धामी सरकार का बड़ा फैसला