Spread the loveदेहरादून, 16 जून। उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने प्रदेश में पारिवारिक पदयात्रा (फैमिली ट्रैकिंग) को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य ऐसे ट्रेक मार्गों को विकसित और प्रोत्साहित करना है जहां बच्चे, युवा और बुजुर्ग एक साथ सुरक्षित रूप से प्रकृति का आनंद ले सकें। पर्यटन विभाग का मानना है कि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता केवल साहसिक ट्रेकर्स तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि परिवारों को भी पहाड़ों, जंगलों और बुग्यालों के करीब आने का अवसर मिलना चाहिए। प्रदेश में लंबे समय से कई ट्रेक मार्ग ऐसे रहे हैं जो कठिन चढ़ाई और अधिक शारीरिक क्षमता की मांग करते हैं। ऐसे में छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए इन मार्गों पर यात्रा करना चुनौतीपूर्ण साबित होता है। नई पहल के तहत ऐसे आसान और सुरक्षित ट्रेकों को बढ़ावा दिया जाएगा जिनमें कम दूरी, बेहतर सुविधाएं और आकर्षक प्राकृतिक दृश्य उपलब्ध हों। इससे प्रदेश में पारिवारिक पर्यटन को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। रुद्रप्रयाग जनपद स्थित देवरिया ताल को फैमिली ट्रेकिंग के लिए सबसे उपयुक्त स्थलों में माना जाता है। लगभग तीन किलोमीटर लंबे इस आसान ट्रेक पर परिवार के सभी सदस्य आराम से पहुंच सकते हैं। घने जंगलों और हिमालय की भव्य चोटियों के बीच स्थित यह झील पर्यटकों को अनूठा अनुभव प्रदान करती है। चौखंबा पर्वत श्रृंखला का प्रतिबिंब झील के पानी में दिखाई देना यहां की सबसे बड़ी विशेषता है। इसी प्रकार चोपता से तुंगनाथ तक का ट्रेक भी परिवारों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। लगभग साढ़े तीन किलोमीटर लंबा यह मार्ग अपेक्षाकृत आसान है और पक्के रास्ते होने के कारण बच्चों तथा बुजुर्गों के लिए भी सुरक्षित माना जाता है। दुनिया के सबसे ऊंचे शिव मंदिर तक पहुंचने का अवसर श्रद्धालुओं और प्रकृति प्रेमियों दोनों को आकर्षित करता है। टिहरी गढ़वाल में स्थित नाग टिब्बा ट्रेक भी परिवारों के बीच लोकप्रिय होता जा रहा है। मसूरी के निकट होने के कारण यह सप्ताहांत पर्यटन के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है। देवदार और बांज के जंगलों से होकर गुजरने वाला यह ट्रेक बच्चों को प्रकृति और पर्वतीय जीवन से परिचित कराने का अवसर देता है। यहां से हिमालय की अनेक चोटियों का मनोरम दृश्य दिखाई देता है। चमोली जिले के प्रसिद्ध बेदनी बुग्याल को भी पर्यटन विभाग फैमिली ट्रैकिंग के लिए विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। विशाल घास के मैदानों और शांत वातावरण के कारण यह स्थान परिवारों के लिए विशेष आकर्षण रखता है। यहां पहुंचने वाले पर्यटक प्रकृति के बीच सुकून के पल बिताने के साथ-साथ उत्तराखंड की जैव विविधता को भी करीब से देख सकते हैं। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि फैमिली ट्रैकिंग को बढ़ावा मिलने से स्थानीय लोगों को भी रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। होमस्टे, स्थानीय गाइड, परिवहन सेवाएं और पारंपरिक खाद्य पदार्थों से जुड़े व्यवसायों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे ग्रामीण पर्यटन को मजबूती मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी। पर्यटन विभाग ने यात्रियों को सलाह दी है कि किसी भी ट्रेक पर जाने से पहले मौसम की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। पहाड़ों में मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए वर्षा, तेज हवाओं और तापमान में बदलाव को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनानी चाहिए। साथ ही प्राथमिक उपचार सामग्री, आवश्यक दवाइयां, रेनकोट, गर्म कपड़े और अच्छे ट्रैकिंग जूते साथ रखना जरूरी है। उत्तराखंड सरकार की यह पहल न केवल पर्यटन को नई दिशा देगी बल्कि परिवारों को प्रकृति के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने का अवसर भी प्रदान करेगी। आने वाले समय में प्रदेश के विभिन्न जिलों में ऐसे और भी ट्रेक मार्ग विकसित किए जाने की योजना है, जिससे उत्तराखंड को देश के प्रमुख फैमिली एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित किया जा सके। Post Views: 2 Post navigation 20 जून तक उत्तराखंड में येलो अलर्ट, मैदानी इलाकों में बढ़ेगी गर्मी, पहाड़ों में गरज-चमक और बारिश की चेतावनी कार झील में गिरी, चार पर्यटकों को सकुशल बचाया गया; प्रशासन ने जारी की सुरक्षा सलाह