Spread the loveदेहरादून। दैनिक प्रभातवाणी । उत्तराखंड में सक्रिय मानसून ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। लगातार हो रही भारी से अत्यंत भारी बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें और मलबा गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जबकि कई स्थानों पर नदियों और गदेरों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति बनने लगी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के देहरादून, हरिद्वार, टिहरी गढ़वाल और बागेश्वर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा, तेज गर्जना के साथ बिजली चमकने तथा तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। वहीं राज्य के अन्य सभी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की गई है। चारधाम यात्रा पर अस्थायी रोक लगातार खराब मौसम और चारधाम यात्रा मार्गों पर बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा को एहतियातन अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मार्गों पर कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन ने यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने तथा मौसम सामान्य होने और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने तक आगे यात्रा नहीं करने की सलाह दी है। 162 सड़कें और मार्ग बंद लगातार बारिश के चलते राज्यभर में लगभग 162 सड़कें और संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। इनमें कई राज्य राजमार्ग, जिला सड़कें और ग्रामीण संपर्क मार्ग शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD), सीमा सड़क संगठन (BRO) और जिला प्रशासन की टीमें जेसीबी मशीनों तथा अन्य भारी उपकरणों की सहायता से युद्ध स्तर पर मार्ग खोलने में जुटी हैं। हालांकि लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर बहाली कार्य प्रभावित हो रहा है। भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का बढ़ा खतरा विशेषज्ञों के अनुसार लगातार हो रही बारिश से पहाड़ों की मिट्टी कमजोर हो चुकी है, जिससे भूस्खलन की घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ गई है। इसके अलावा छोटी नदियों, बरसाती नालों और गदेरों में अचानक जलस्तर बढ़ने से फ्लैश फ्लड का भी खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों तथा निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस, SDRF, NDRF, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और लोक निर्माण विभाग को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों की तैनाती की गई है तथा मशीनरी को पहले से तैयार रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। लोगों के लिए महत्वपूर्ण सलाह अनावश्यक यात्रा बिल्कुल न करें। पहाड़ी क्षेत्रों में रात के समय यात्रा करने से बचें। नदी, नाले, गदेरे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें। प्रशासन की अनुमति के बिना बंद मार्गों पर जाने का प्रयास न करें। मौसम विभाग और जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं का नियमित पालन करें। मोबाइल फोन चार्ज रखें तथा आवश्यक दवाइयां और जरूरी सामान अपने पास रखें। आपातकालीन हेल्पलाइन राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष: 1070 जिला आपदा नियंत्रण कक्ष: 1077 आपातकालीन सेवा (पुलिस): 112 प्रशासन की अपील प्रशासन ने नागरिकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। मौसम सामान्य होने तक धैर्य बनाए रखें और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि भारी बारिश का दौर जारी रहता है तो अगले कुछ घंटों में कुछ क्षेत्रों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में सभी लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया गया है। Post Views: 2 Post navigation उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर: चार जिलों में रेड अलर्ट, कई जिलों में स्कूल बंद, प्रशासन हाई अलर्ट पर फर्जी स्कूल अवकाश आदेश से सावधान: नैनीताल प्रशासन ने जारी की अहम चेतावनी