Spread the loveदेहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर तेज रफ्तार पकड़ चुका है। मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत सहित आठ जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 9 जुलाई तक प्रदेश में मानसून का प्रभाव बना रहेगा और कई स्थानों पर तेज बारिश, गर्जन और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। लगातार हो रही बारिश ने पर्वतीय क्षेत्रों में चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश के कई संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ गया है। पहाड़ों से मलबा और बोल्डर गिरने के कारण कई संपर्क मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। विशेष रूप से चारधाम यात्रा मार्गों पर प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। बारिश के कारण सड़कों पर मलबा आने, पेड़ गिरने और पहाड़ी ढलानों के कमजोर होने की स्थिति बनी हुई है। चारधाम यात्रा पर भी मानसून का असर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। यात्रा मार्गों पर कई स्थानों पर छोटे-बड़े भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन ने यात्रियों को मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा शुरू करने की सलाह दी है। साथ ही यात्रा के दौरान प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। प्रदेश की नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी प्रकार वर्षा जारी रहती है, तो निचले क्षेत्रों में जलभराव और अचानक बाढ़ जैसी स्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों और पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र द्वारा सभी जिलों से लगातार स्थिति की जानकारी ली जा रही है। जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य राहत एजेंसियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। भारी बारिश होने पर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और पहाड़ी ढलानों के पास जाने से परहेज करें। यात्रा के दौरान मौसम और सड़क की स्थिति की नियमित जानकारी लेते रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में राज्य आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन 1070 या 9557444486 पर तत्काल संपर्क करें। प्रदेश में मानसून के इस सक्रिय दौर को देखते हुए आने वाले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। प्रशासन की सतर्कता और नागरिकों की सावधानी ही संभावित आपदाओं के जोखिम को कम करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। Post Views: 2 Post navigation कोरोनेशन अस्पताल में अव्यवस्थाओं का खुलासा: ICU का AC बंद, गंदगी और लापरवाही पर भड़के DM डॉ. आशीष चौहान उत्तराखंड में विकास योजनाओं की नई शुरुआत, 51 परियोजनाओं की सौगात के साथ शुरू हुआ ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान का दूसरा चरण