Spread the loveदैनिक प्रभातवाणी | देहरादून | 8 जुलाई 2025उत्तराखंड में भ्रष्टाचार और माफिया नेटवर्क पर शिकंजा, बीते तीन वर्षों में 150 से अधिक सरकारी कर्मियों और माफियाओं पर गिरी गाज उत्तराखंड में शासन-प्रशासन ने बीते तीन वर्षों में भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक मोर्चा खोलते हुए व्यापक कार्रवाई की है। राज्य में पारदर्शिता एवं सुशासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाए गए विशेष अभियानों के तहत अब तक 150 से अधिक सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संगठित माफिया नेटवर्क से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई राज्य सरकार की ‘भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड’ की नीति के अंतर्गत की गई है, जिसे जनता का भी व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ है। राज्य सतर्कता विभाग (Vigilance Department), पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा चलाए गए संयुक्त अभियानों के दौरान जिन मामलों में कार्रवाई हुई, उनमें घूसखोरी, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति, टेंडर घोटाले, भूमि माफिया नेटवर्क, वन माफिया, खनन और शराब तस्करी जैसे संगठित अपराध शामिल हैं। राज्य के मुख्य सचिव कार्यालय से जारी रिपोर्ट के अनुसार, इन तीन वर्षों में की गई कार्रवाई में लगभग 65 सरकारी कर्मचारियों को रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। वहीं, 40 से अधिक ऐसे माफिया तत्वों को पकड़ा गया, जो सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से नियमों का उल्लंघन कर बड़े स्तर पर अवैध कारोबार चला रहे थे। इसके अतिरिक्त, शिक्षा, स्वास्थ्य, नगर निकाय, लोक निर्माण विभाग और पंचायत स्तर के कई अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। राज्य सतर्कता निदेशक डीएस कुँवर ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग को जनता से प्राप्त शिकायतों और तकनीकी निगरानी के आधार पर लगातार इन मामलों की जांच की गई। कई आरोपियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले भी सामने आए हैं, जिनकी जांच आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के माध्यम से की जा रही है। विशेष रूप से वन और खनन विभाग के मामलों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार सामने आया है। सरकार ने ऐसे क्षेत्रों में पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया लागू कर दी है, जिससे घोटालों की गुंजाइश कम हो सके। साथ ही, ‘भ्रष्टाचार पर शून्य सहिष्णुता’ नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। “हमने यह साबित कर दिया है कि भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे किसी भी पद या प्रभाव में क्यों न हों,” उन्होंने कहा। साथ ही, आम जनता से अपील की गई है कि यदि उन्हें किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार की जानकारी मिले, तो वे उत्तराखंड एंटी करप्शन हेल्पलाइन या पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। राज्य सरकार ने यह भी ऐलान किया है कि भ्रष्टाचार की सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें कानूनी सुरक्षा दी जाएगी। – रिपोर्ट: दैनिक प्रभातवाणी संवाददाता, देहरादूनhttps://dainikprbhatvani.com Post Views: 111 Post navigation Haridwar फर्जी डॉक्टर बनकर ठगी करने वाला युवक गिरफ्तार, AIIMS में नौकरी का झूठा दावा कर लोगों से कर रहा था धोखाधड़ी Uttarakhand Cabinet Meeting में जियो-थर्मल ऊर्जा नीति को मिली स्वीकृति: स्वच्छ ऊर्जा, रोजगार और पेंशन व्यवस्था में होगा सुधार