Spread the loveहतिद्वार।दैनिक प्रभातवाणी उत्तराखंड के बहुचर्चित केतन लाल हत्याकांड को लेकर शनिवार को हरिद्वार में उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब नगीना सांसद एवं भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद और खानपुर विधायक उमेश कुमार को पुलिस ने टिहरी जाने से रोक दिया। दोनों नेता टिहरी के देवल गांव में पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा देने जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, हरिद्वार के शंकराचार्य चौक पर भारी पुलिस बल, पीएसी और अन्य सुरक्षाबलों की तैनाती के बीच सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले को रोक दिया गया। इसके बाद नेताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बताया जा रहा है कि आगे बढ़ने के प्रयास के दौरान धक्का-मुक्की भी हुई, जिसमें सांसद चंद्रशेखर आजाद के कपड़े तक फट गए। पुलिस द्वारा रोके जाने के विरोध में सांसद चंद्रशेखर आजाद और विधायक उमेश कुमार सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार से मिलने और न्याय की मांग उठाने से उन्हें रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि केतन लाल के परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए। गौरतलब है कि टिहरी जिले के लंबगांव थाना क्षेत्र के देवल गांव में जून 2026 के पहले सप्ताह में 18 वर्षीय दलित युवक केतन लाल की हत्या का मामला सामने आया था। इस घटना के बाद से प्रदेश में लगातार विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। पुलिस इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है तथा घटना से जुड़े कुछ वीडियो और अन्य साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। हरिद्वार में हुई इस घटना के बाद केतन हत्याकांड ने एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस को तेज कर दिया है। प्रदेश की राजनीति में यह मामला कानून-व्यवस्था, दलित सुरक्षा और न्याय व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे के रूप में उभरकर सामने आया है। Post Views: 4 Post navigation टिहरी हत्याकांड में कूदे चंद्रशेखर आज़ाद, पीड़ित परिवार के लिए 1 करोड़ मुआवजे की मांग