Spread the loveदेहरादून। दैनिक प्रभातवाणी। उत्तराखंड में सक्रिय मानसून के चलते लगातार हो रही भारी से अत्यधिक भारी बारिश का असर चारधाम यात्रा पर भी साफ दिखाई दे रहा है। राज्य के कई पर्वतीय जिलों में भूस्खलन, पहाड़ियों से बोल्डर गिरने और सड़कों पर मलबा आने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसके चलते चारधाम यात्रा मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई है और प्रशासन ने श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों से अत्यधिक सतर्कता बरतने की अपील की है। राज्य आपदा प्रबंधन, पुलिस, लोक निर्माण विभाग (PWD), सीमा सड़क संगठन (BRO), राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) तथा जिला प्रशासन की टीमें विभिन्न स्थानों पर सड़कें खोलने और यात्रा को सुचारु बनाए रखने में जुटी हुई हैं। हालांकि लगातार हो रही बारिश के कारण मलबा हटाने के कार्य में बार-बार बाधा आ रही है। केदारनाथ यात्रा मार्ग सबसे अधिक संवेदनशील रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ पैदल मार्ग के कई संवेदनशील हिस्सों में लगातार पहाड़ियों से पत्थर और बड़े-बड़े बोल्डर गिर रहे हैं। प्रशासन ने ऐसे क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों और आपदा राहत दलों को तैनात किया है। मौसम खराब होने पर कुछ स्थानों पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोककर मौसम सामान्य होने के बाद ही आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे निर्धारित मार्ग से ही यात्रा करें तथा किसी भी शॉर्टकट या प्रतिबंधित रास्ते का उपयोग न करें। कई जिलों की सड़कें प्रभावित भारी बारिश के कारण पिथौरागढ़ जिले में लगभग 19 ग्रामीण सड़कें मलबा आने से बंद हैं। वहीं देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी और अन्य पर्वतीय जिलों में भी कई संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं। लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियां जेसीबी एवं अन्य मशीनों की सहायता से मार्गों को खोलने का लगातार प्रयास कर रही हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी कई स्थानों पर पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके चलते समय-समय पर यातायात रोकना पड़ा। मौसम विभाग ने दी सतर्क रहने की सलाह भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज गर्जना की संभावना जताई है। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें खिसकने और नदियों-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है। प्रशासन ने जारी की महत्वपूर्ण एडवाइजरी चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से प्रशासन ने निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की है— यात्रा शुरू करने से पहले मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ताजा एडवाइजरी अवश्य देखें। यात्रा मार्ग की स्थिति की जानकारी राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) या संबंधित जिला कंट्रोल रूम से प्राप्त करें। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में वाहन खड़ा न करें और ऐसे स्थानों पर अनावश्यक रूप से न रुकें। तेज बारिश होने पर सुरक्षित होटल, धर्मशाला या शेल्टर में रुककर मौसम सामान्य होने का इंतजार करें। प्रशासन या पुलिस द्वारा रोके जाने पर आगे बढ़ने का प्रयास न करें। अपने साथ रेनकोट, गर्म कपड़े, टॉर्च, पावर बैंक, मोबाइल चार्जर, प्राथमिक उपचार किट, आवश्यक दवाइयां, पीने का पानी और सूखा खाद्य पदार्थ अवश्य रखें। बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को मौसम सामान्य होने तक यात्रा स्थगित करने पर विचार करना चाहिए। बचाव एजेंसियां पूरी तरह सतर्क राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की टीमें चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं। जहां भी सड़कें बाधित हो रही हैं, वहां मशीनों की मदद से मलबा हटाने और यात्रियों को सुरक्षित निकालने का कार्य किया जा रहा है। श्रद्धालुओं से अपील प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि मौसम लगातार खराब बना रहता है या किसी मार्ग पर खतरा बढ़ता है तो यात्रा को अस्थायी रूप से रोका भी जा सकता है। इसलिए सभी श्रद्धालु केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। भारी बारिश के इस दौर में थोड़ी सी सावधानी, धैर्य और प्रशासन के निर्देशों का पालन आपकी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सफल बना सकता है। Post Views: 2 Post navigation उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम, विश्वविद्यालय मिलकर करेंगे शोध, निर्माण कार्यों में देरी पर होगी सख्त कार्रवाई उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर: चार जिलों में रेड अलर्ट, कई जिलों में स्कूल बंद, प्रशासन हाई अलर्ट पर