डोईवाला में भू-माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई, अवैध पहाड़ी कटान पर खनन विभाग का सख्त एक्शन
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देहरादून जिले के डोईवाला क्षेत्र में अवैध खनन और पहाड़ी कटान के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। डोईवाला तहसील की सिंधवाल ग्राम पंचायत में पहाड़ों को बिना अनुमति काटकर भूमि समतल करने के मामले में खनन विभाग ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

जानकारी के अनुसार, स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन को शिकायत दी थी कि गांव के आसपास कुछ लोग बिना किसी वैध अनुमति के पहाड़ी क्षेत्र को काटकर जमीन समतल कर रहे हैं। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए खनन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान पाया गया कि एक जेसीबी मशीन के जरिए बड़े पैमाने पर पहाड़ी कटान किया जा रहा था।

मौके पर मौजूद अधिकारियों ने जब मशीन ऑपरेटर से आवश्यक दस्तावेज और अनुमति पत्र मांगे, तो वह कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर पाया। इसके बाद तत्काल प्रभाव से जेसीबी मशीन को जब्त कर लिया गया। साथ ही संबंधित व्यक्ति पर दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति पहाड़ी क्षेत्रों में इस तरह की गतिविधियां पूरी तरह अवैध हैं और इससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचता है। पहाड़ों का कटान न केवल भूस्खलन के खतरे को बढ़ाता है, बल्कि जल स्रोतों और जैव विविधता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।

ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों ने भी इस कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि इस तरह की अवैध गतिविधियां लंबे समय से क्षेत्र में चिंता का कारण बनी हुई थीं। ग्राम प्रधान ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का भूमि समतलीकरण या पहाड़ी कटान करने से पहले संबंधित विभागों और तहसील प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य है।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि कोई भी व्यक्ति या समूह इस तरह के अवैध कार्यों में लिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं ताकि इस प्रकार की घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि उत्तराखंड में पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रशासन गंभीर है और प्राकृतिक संसाधनों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि वे ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।