नई टिहरी में दर्दनाक हादसा: अंगीठी के धुएँ से दम घुटने पर चार साल की बच्ची की मौत, माँ गंभीरनई टिहरी की सीआईएसएफ कॉलोनी में शीतलहर से बचने के प्रयास में जलाई गई अंगीठी से हुए हादसे के बाद मौके पर जांच करती पुलिस।
Spread the love

नई टिहरी | दैनिक प्रभातवाणी | 19 जनवरी 2026

उत्तराखंड के नई टिहरी स्थित सीआईएसएफ कॉलोनी में ठंड से बचने के लिए जलायी गई अंगीठी एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हो गई। अंगीठी के धुएँ से दम घुटने के कारण चार साल की मासूम बच्ची आर्या की मौत हो गई, जबकि उसकी माँ मोनिका (37) की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है। पुलिस ने रविवार को इस दुखद घटना की पुष्टि की है।

पुलिस के अनुसार यह घटना शनिवार पूर्वाह्न करीब 10 बजे सामने आई, जब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में सिपाही के पद पर तैनात गणेश पालवे के सरकारी आवास का दरवाजा काफी देर तक नहीं खुला। आसपास रहने वाले लोगों ने कई बार आवाज दी, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया।

पुलिस ने बताया कि कमरे के भीतर बिस्तर पर मोनिका और उनकी चार वर्षीय बेटी आर्या बेहोशी की हालत में पड़ी हुई थीं। दोनों को तत्काल जिला अस्पताल नई टिहरी ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने बच्ची आर्या को मृत घोषित कर दिया। माँ मोनिका की स्थिति गंभीर होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एम्स ऋषिकेश स्थानांतरित कर दिया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है।

पुलिस ने बताया कि मूल रूप से महाराष्ट्र के अहमदनगर निवासी गणेश पालवे घटना के समय घर पर मौजूद नहीं थे। वह स्वयं अस्वस्थ होने के कारण इलाज के लिए देहरादून गए हुए थे। प्रारंभिक जांच में पुलिस को कमरे से कोई विषाक्त पदार्थ या सुसाइड नोट नहीं मिला, जबकि कमरे में केवल अंगीठी ही पाई गई। इससे आशंका जताई जा रही है कि बंद कमरे में अंगीठी जलने से फैले धुएँ के कारण ऑक्सीजन की कमी हुई और दम घुटने से यह हादसा हुआ।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बच्ची की मौत का असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। घटना के बाद सीआईएसएफ कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है।

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर शीतलहर के दौरान बंद कमरों में अंगीठी या कोयले के उपयोग के खतरे को उजागर कर दिया है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से अपील की गई है कि ठंड से बचाव के लिए सुरक्षित साधनों का ही प्रयोग करें, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है, खासकर बच्चों और महिलाओं के लिए।