पौड़ी को ₹110.55 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात, मुख्यमंत्री धामी ने किया कंडोलिया महोत्सव-2026 का उद्घाटन
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पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को पौड़ी गढ़वाल जनपद के दौरे के दौरान विकास और सांस्कृतिक संरक्षण को नई दिशा देते हुए ₹110.55 करोड़ की लागत वाली 19 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। रामलीला मैदान में आयोजित जय कंडोलिया पौड़ी महोत्सव-2026 के भव्य उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के समग्र विकास, रोजगार सृजन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास की मुख्यधारा को पहाड़ के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सड़क, शिक्षा, विज्ञान, पर्यटन और रोजगार से जुड़ी योजनाएं केवल आधारभूत सुविधाओं का विस्तार नहीं हैं, बल्कि ये उत्तराखंड के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कुल 19 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इनमें 14 नई योजनाओं का शिलान्यास किया गया, जबकि 5 पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण कर उन्हें जनता को समर्पित किया गया। इन योजनाओं का उद्देश्य क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना, पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों का विस्तार करना है।

दौरे की प्रमुख उपलब्धियों में श्रीनगर रोड पर निर्मित आधुनिक जिला विज्ञान संग्रहालय का उद्घाटन भी शामिल रहा। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इस विज्ञान संग्रहालय में अंतरिक्ष विज्ञान, ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक नवाचार और आधुनिक तकनीकों से संबंधित इंटरएक्टिव मॉडल स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संग्रहालय नई पीढ़ी को विज्ञान के प्रति आकर्षित करेगा तथा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और शोध की भावना विकसित करने में सहायक सिद्ध होगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में आधुनिक संसाधनों के विकास को प्राथमिकता दे रही है ताकि ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों के छात्र भी नवीनतम वैज्ञानिक जानकारी और तकनीकी अनुभव प्राप्त कर सकें। विज्ञान संग्रहालय इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

कंडोलिया महोत्सव को लेकर मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए इसे राजकीय महोत्सव का दर्जा प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कंडोलिया महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं बल्कि पौड़ी की पहचान, परंपरा और लोक संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। राजकीय महोत्सव का दर्जा मिलने से इस आयोजन को व्यापक पहचान मिलेगी तथा स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहन प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार “विकास के साथ विरासत” की अवधारणा पर कार्य कर रही है। राज्य की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक धरोहरों और पारंपरिक मूल्यों को संरक्षित रखते हुए आधुनिक विकास को आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना आने वाली पीढ़ियों के लिए भी आवश्यक है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न रोजगारपरक योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि “हाउस ऑफ हिमालय” और होमस्टे जैसी योजनाएं स्थानीय उत्पादों, पर्यटन और स्वरोजगार को नई दिशा दे रही हैं। इन पहलों के माध्यम से युवाओं को अपने गांवों और क्षेत्रों में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे पलायन की समस्या को कम करने में मदद मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार की विकासोन्मुख नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं के परिणामस्वरूप उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, पर्यटन को नई गति मिलेगी और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कंडोलिया महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं की आकर्षक प्रस्तुति दी।

 

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