बड़ी खबर: उत्तराखंड को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले ईमेल की लोकेशन ट्रेस, मोरक्को और अमेरिका से जुड़े तार
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देहरादून। दैनिक प्रभातवाणी।

उत्तराखंड के धार्मिक और संवेदनशील स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले ईमेल मामले में जांच एजेंसियों को अहम सुराग हाथ लगे हैं। प्रारंभिक तकनीकी जांच में पता चला है कि धमकी भरे ईमेल की डिजिटल ट्रेल उत्तर अफ्रीकी देश मोरक्को से जुड़ी हुई है, जबकि इसके तार अमेरिका में रहने वाले एक व्यक्ति या डिजिटल खाते से भी जुड़े होने की संभावना जताई जा रही है। इस खुलासे के बाद राज्य की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई हैं।

मामला सामने आने के बाद उत्तराखंड पुलिस, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), साइबर कमांडो और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां ईमेल के स्रोत, आईपी एड्रेस, सोशल मीडिया गतिविधियों और डिजिटल रूट्स की गहन पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि ईमेल भेजने के लिए वीपीएन या प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल भी किया गया हो सकता है, जिसके कारण वास्तविक स्रोत तक पहुंचने में समय लग सकता है।

धमकी भरे ईमेल में केदारनाथ, बदरीनाथ, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी, देहरादून रेलवे स्टेशन और मुख्यमंत्री आवास समेत कई महत्वपूर्ण धार्मिक, पर्यटन और सरकारी स्थलों को निशाना बनाने की बात कही गई है। ईमेल में कथित तौर पर “खालिस्तान नेशनल आर्मी” का नाम भी लिया गया है और हाल में कर्णप्रयाग में निहंग सिखों से जुड़े विवाद का बदला लेने का दावा किया गया है। हालांकि अभी तक किसी संगठन की आधिकारिक संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियां हर पहलू से मामले की जांच कर रही हैं।

धमकी के बाद पूरे उत्तराखंड में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। चारधाम यात्रा मार्गों, रेलवे स्टेशनों, मंदिर परिसरों, नगर निकाय कार्यालयों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड लगातार सघन जांच अभियान चला रहे हैं। सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को भी विशेष सतर्कता बरतने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

अब तक की जांच में किसी भी स्थान से विस्फोटक सामग्री या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, सोशल मीडिया पर अपुष्ट सूचनाएं साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तकनीकी सहयोग लेने की तैयारी में हैं। अधिकारियों का कहना है कि धमकी देने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल चारधाम यात्रा और अन्य धार्मिक गतिविधियां सामान्य रूप से जारी हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से मजबूत कर दिया गया है।

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