रुद्रप्रयाग के फाटा में भूस्खलन का कहर: मलबे में दबने से 4 नेपाली मजदूरों की दर्दनाक मौत, मूसलाधार बारिश से चारधाम मार्ग भी प्रभावित
Spread the love

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर तबाही का मंजर खड़ा कर दिया है। रुद्रप्रयाग जिले के फाटा क्षेत्र में देर रात हुए भीषण भूस्खलन में मलबे में दबने से चार नेपाली मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा पवन हंस हेलीपैड के समीप स्थित खाट गदेरा के पास बने एक अस्थायी श्रमिक शिविर में हुआ, जहां सभी मजदूर रात में सो रहे थे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार देर रात क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के बीच अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा, पत्थर और मिट्टी शिविर पर आ गिरी। हादसा इतना अचानक हुआ कि श्रमिकों को बाहर निकलने का कोई अवसर नहीं मिला और पूरा शिविर मलबे में दब गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीम मौके के लिए रवाना हुई।

लगातार बारिश और मार्ग अवरुद्ध होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। डोलिया देवी मार्ग पर मलबा आने से वाहन आगे नहीं जा सके और जेसीबी मशीन भी घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाई। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम को लगभग दो किलोमीटर तक पैदल चलकर घटनास्थल तक पहुंचना पड़ा। जवानों ने प्रतिकूल मौसम के बीच हाथों से मलबा हटाकर खोज एवं बचाव अभियान चलाया। कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद चारों मजदूरों के शव मलबे से बाहर निकाले गए।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह राजवार के अनुसार मृतकों की पहचान नेपाल निवासी तुल बहादुर, पूर्णा नेपाली, किशन परिहार और चीकू बुरा के रूप में हुई है। प्रशासन ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है तथा मृतकों के परिजनों को सूचना देने की कार्रवाई की जा रही है।

यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब पूरे उत्तराखंड में मानसून की बारिश जनजीवन पर भारी पड़ रही है। प्रदेश के कई हिस्सों में भूस्खलन, सड़क धंसने और मलबा आने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। चमोली जिले में बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर मलबा आने के कारण बाधित हुआ है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर फुलचट्टी से आगे बनास क्षेत्र में सड़क का लगभग 10 मीटर हिस्सा धंस जाने से बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है।

प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अत्यधिक सतर्कता बरतने की अपील की है। संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने, मौसम और सड़क संबंधी ताजा अपडेट प्राप्त करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है। राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है और लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है। फाटा की यह दर्दनाक घटना एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून के दौरान सतर्कता और आपदा प्रबंधन की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *