UCC के एक साल से पहले ही रिकॉर्ड 4.7 लाख विवाह पंजीकरण, ऑनलाइन प्रक्रिया बनी बड़ी वजह

ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली के माध्यम से विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त करते नवविवाहित दंपती, UCC के तहत राज्य में बढ़ते विवाह पंजीकरण की सफलता को दर्शाते हुए।
देहरादून, दैनिक प्रभातवाणी /19 जनवरी 2026
राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के एक वर्ष से पहले ही विवाह पंजीकरण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक करीब 4.7 लाख विवाहों का पंजीकरण किया जा चुका है, जिसे प्रशासन UCC की सबसे बड़ी प्रारंभिक सफलता मान रहा है। इस रिकॉर्ड पंजीकरण का मुख्य कारण पूरी तरह ऑनलाइन और सरल प्रक्रिया को बताया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था में आवेदन, दस्तावेज़ अपलोड और प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया डिजिटल होने से पारदर्शिता बढ़ी है। खास तौर पर महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, क्योंकि अब पंजीकरण के लिए किसी तरह की सामाजिक या प्रशासनिक बाधा नहीं रह गई है। इससे विवाह से जुड़े अधिकारों, कानूनी सुरक्षा और सामाजिक मान्यता को भी मजबूती मिली है।
राज्य सरकार का मानना है कि UCC के तहत विवाह पंजीकरण अनिवार्य होने से न केवल फर्जी या विवादित मामलों में कमी आएगी, बल्कि भविष्य में संपत्ति, भरण-पोषण और उत्तराधिकार जैसे मामलों में भी स्पष्टता आएगी। प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले महीनों में पोर्टल को और अधिक यूज़र-फ्रेंडली बनाया जाएगा, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोग भी आसानी से इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
एक साल से पहले ही 4.7 लाख पंजीकरण का आंकड़ा यह संकेत देता है कि डिजिटल गवर्नेंस और कानूनी सुधार मिलकर सामाजिक बदलाव को तेज़ी से आगे बढ़ा सकते हैं। UCC के प्रभाव और इसके दीर्घकालिक परिणामों पर अब पूरे देश की नजर बनी हुई है।