Spread the loveटिहरी, उत्तराखंड / दैनिक प्रभात वाणी 20 जनवरी, 2026टिहरी जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग‑34 (ऋषिकेश‑चंबा मार्ग) पर भूस्खलन के कारण सड़क अवरुद्ध हो गई है। राजमार्ग पर मरम्मत और सुरक्षा कार्य 19 जनवरी से 1 फरवरी तक जारी रहेंगे। यह सड़क क्षेत्र के कई जिलों के आवागमन और आवश्यक आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।राज्य परिवहन विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन प्रभावित हिस्सों की जांच और मरम्मत का कार्य लगातार चल रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्गों का प्रबंध किया गया है, लेकिन ट्रैफिक और मालवाहन में देरी की संभावना बनी हुई है।स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें और संभव हो तो यात्रा के लिए वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें। अधिकारियों का कहना है कि कार्य पूर्ण होने के बाद सड़क पूरी तरह से यातायात के लिए खोल दी जाएगी।यह कदम भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, ताकि नागरिकों और परिवहन को किसी भी तरह का जोखिम न हो। Post Views: 16 Post navigationगढ़वाल में जनवरी की सूखी ठंड: इतिहास में पहली बार बिना बर्फबारी के गुज़रा महीना, जलवायु परिवर्तन की गंभीर चेतावनी देहरादून की हवा बिगड़ी, AQI 172 के करीब पहुँचा — स्वास्थ्य पर बढ़ा खतरा
टिहरी, उत्तराखंड / दैनिक प्रभात वाणी 20 जनवरी, 2026टिहरी जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग‑34 (ऋषिकेश‑चंबा मार्ग) पर भूस्खलन के कारण सड़क अवरुद्ध हो गई है। राजमार्ग पर मरम्मत और सुरक्षा कार्य 19 जनवरी से 1 फरवरी तक जारी रहेंगे। यह सड़क क्षेत्र के कई जिलों के आवागमन और आवश्यक आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।राज्य परिवहन विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन प्रभावित हिस्सों की जांच और मरम्मत का कार्य लगातार चल रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्गों का प्रबंध किया गया है, लेकिन ट्रैफिक और मालवाहन में देरी की संभावना बनी हुई है।स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें और संभव हो तो यात्रा के लिए वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें। अधिकारियों का कहना है कि कार्य पूर्ण होने के बाद सड़क पूरी तरह से यातायात के लिए खोल दी जाएगी।यह कदम भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, ताकि नागरिकों और परिवहन को किसी भी तरह का जोखिम न हो।