चारधाम यात्रा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पर शुल्क लगाने पर सरकार का विचार, फर्जी बुकिंग पर लगेगी लगाम

देहरादून | उत्तराखंड|17 फरवरी 2026|दैनिक प्रभातवाणी
देहरादून। उत्तराखंड में हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनने वाली चारधाम यात्रा को लेकर सरकार एक अहम बदलाव पर विचार कर रही है। उत्तराखंड सरकार चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में नाममात्र शुल्क लागू करने की तैयारी कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन पंजीकरण के दौरान सामने आ रही नकली और फर्जी बुकिंग की समस्या पर प्रभावी रोक लगाना है।
सरकारी स्तर पर यह महसूस किया गया है कि नि:शुल्क रजिस्ट्रेशन व्यवस्था के चलते बड़ी संख्या में एक ही व्यक्ति द्वारा कई-कई बार पंजीकरण कर दिया जाता है। इससे न सिर्फ वास्तविक श्रद्धालुओं को स्लॉट मिलने में परेशानी होती है, बल्कि यात्रा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है। प्रस्तावित शुल्क से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि केवल वही लोग रजिस्ट्रेशन करें, जो वास्तव में यात्रा पर जाने का इरादा रखते हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस शुल्क को बहुत कम रखा जाएगा ताकि किसी भी श्रद्धालु पर आर्थिक बोझ न पड़े। साथ ही, शुल्क से प्राप्त राशि का उपयोग यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने, डिजिटल सिस्टम को मजबूत करने और सुरक्षा उपायों को और प्रभावी करने में किया जा सकता है। फिलहाल इस विषय पर एक समिति के स्तर पर मंथन चल रहा है और अंतिम निर्णय सरकार की मंजूरी के बाद लिया जाएगा।
चारधाम यात्रा में केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री शामिल हैं, जहां हर वर्ष देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं। सरकार का मानना है कि यदि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अधिक अनुशासित और पारदर्शी होगी तो यात्रा का संचालन भी सुचारु रूप से किया जा सकेगा।
सरकार के इस संभावित फैसले को यात्रा प्रबंधन से जुड़े कई विशेषज्ञों ने सकारात्मक कदम बताया है। उनका कहना है कि डिजिटल रजिस्ट्रेशन पर मामूली शुल्क फर्जी बुकिंग को हतोत्साहित करेगा और वास्तविक श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलेगी। आने वाले दिनों में इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगने के बाद चारधाम यात्रा की रजिस्ट्रेशन व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।