संभलकर रहें, कहीं ‘अखंड भारत’ का हिस्सा न बन जाएं: यूएई पर पाकिस्तानी सांसद का विवादित बयान
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इस्लामाबाद/अबू धाबी, 7 अप्रैल | दैनिक प्रभातवाणी

पाकिस्तान के वरिष्ठ सांसद मुशाहिद हुसैन सैयद का एक बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। संयुक्त अरब अमीरात द्वारा पाकिस्तान से 3.5 अरब डॉलर का कर्ज वापस मांगने की खबरों के बीच पाकिस्तानी सांसद ने यूएई पर तंज कसते हुए भारत से उसकी बढ़ती नजदीकियों को लेकर विवादित टिप्पणी कर दी।

मुशाहिद हुसैन ने यूएई को ‘बेचारा और मजबूर’ बताते हुए कहा कि देश की कुल आबादी करीब एक करोड़ है, जिसमें बड़ी संख्या भारतीय नागरिकों की है। उन्होंने कहा कि यूएई में लगभग 43 लाख भारतीय रहते हैं और इसी संदर्भ में उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि “संभलकर रहें, कहीं आप अखंड भारत का हिस्सा न बन जाएं।”

पाकिस्तानी सांसद का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच आर्थिक, व्यापारिक और रणनीतिक संबंध लगातार मजबूत होते जा रहे हैं। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा और रक्षा सहयोग में तेजी आई है। भारत यूएई का प्रमुख व्यापारिक साझेदार बन चुका है और बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक वहां कार्यरत हैं।

दूसरी ओर पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति लगातार दबाव में बनी हुई है। पाकिस्तान लंबे समय से खाड़ी देशों, विशेष रूप से यूएई और सऊदी अरब से आर्थिक सहायता और कर्ज पर निर्भर रहा है। ऐसे में यूएई द्वारा कर्ज वापसी की मांग को पाकिस्तान के लिए आर्थिक झटके के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की टिप्पणी कूटनीतिक दृष्टि से संवेदनशील मानी जाती है, क्योंकि यूएई पाकिस्तान का पारंपरिक सहयोगी रहा है। इस बयान से दोनों देशों के रिश्तों पर असर पड़ने की संभावना भी जताई जा रही है।

हालांकि संयुक्त अरब अमीरात की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इस टिप्पणी को लेकर बहस तेज हो गई है।