Spread the love रुद्रप्रयाग : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में शिक्षा विभाग ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाते हुए 10 प्राथमिक शिक्षकों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। इन शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने के पीछे शिक्षक भर्ती नियमावली के मानकों को पूरा न करना मुख्य कारण बताया गया है। स्नातक में 50% अंकों की अनिवार्यता बनी वजह जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) अजय कुमार चौधरी द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार, बर्खास्त किए गए इन सभी शिक्षकों ने जम्मू-कश्मीर के विश्वविद्यालयों से बीएड (B.Ed) की डिग्री हासिल की थी। दरअसल, जम्मू-कश्मीर में बीएड करने के लिए स्नातक (Graduation) में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों की अनिवार्यता नहीं है। वहीं दूसरी ओर, उत्तराखंड में प्राथमिक शिक्षक बनने के लिए स्नातक स्तर पर कम से कम 50% अंक होना अनिवार्य शर्त है। स्नातक में तय मानक से कम अंक होने के बावजूद इन शिक्षकों की नियुक्ति हो गई थी, जिसे अब नियमों के विरुद्ध मानते हुए यह कड़ी कार्रवाई की गई है। मुख्य बिंदु: प्रभावित ब्लॉक: कार्रवाई की जद में आए ये 10 शिक्षक रुद्रप्रयाग जिले के जखोली और अगस्त्यमुनि विकासखंडों के विभिन्न विद्यालयों में तैनात थे। अन्य ड्यूटियों से भी छुट्टी: शिक्षा विभाग के आदेश में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि इन बर्खास्त शिक्षकों में से कोई भी वर्तमान में जनगणना या किसी अन्य सरकारी कार्य में लगा है, तो उसे उस ड्यूटी से भी तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त माना जाएगा। प्रतीक्षा सूची को मिलेगा लाभ: इन 10 शिक्षकों के पदों से हटने के बाद जो रिक्तियां पैदा हुई हैं, उन पर अब विभाग की रिजर्व (प्रतीक्षा) सूची में शामिल योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति का मौका दिया जाएगा। अन्य जिलों में भी मची खलबली रुद्रप्रयाग शिक्षा विभाग के इस कड़े फैसले के बाद पूरे राज्य के शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है। शिक्षा विभाग के सूत्रों की मानें तो इस कार्रवाई के बाद अब हरिद्वार और राज्य के अन्य जिलों में भी ऐसे नियुक्त शिक्षकों की डिग्रियों और उनके मानकों की जांच तेज हो सकती है, जिन्होंने राज्य के बाहर से कम अंकों के साथ डिग्री हासिल कर नौकरी पाई है। Post Views: 27 Post navigation उत्तराखंड में कल बजेगी खतरे की घंटी! जानिए क्या है सच उत्तराखंड में मौसम का कहर, चारधाम यात्रा प्रभावित; मसूरी में पर्यटकों की भीड़ के बीच अलर्ट जारी