Spread the love देहरादून/हरिद्वार। उत्तराखंड की सियासत में सोमवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ एक साथ कई मोर्चों पर आक्रामक रुख अपनाते हुए आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा के नेतृत्व में पार्टी ने जहां केंद्र की अग्निपथ योजना का जोरदार विरोध करने का ऐलान किया, वहीं चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर पुष्कर सिंह धामी सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि ‘अग्निपथ योजना’ के खिलाफ उसका आंदोलन अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है। प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने घोषणा की है कि 4 मई से पार्टी अपने आंदोलन के चौथे चरण की शुरुआत करेगी, जिसके तहत पूरे राज्य में जिला और ब्लॉक स्तर पर व्यापक प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे सैन्य परंपरा वाले राज्य में यह योजना युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है और कांग्रेस इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। माहरा ने आरोप लगाया कि यह योजना युवाओं के स्थायी रोजगार के अवसरों को सीमित करती है और सेना जैसी महत्वपूर्ण संस्था में अस्थिरता पैदा करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हजारों युवा सेना में भर्ती होकर देश सेवा का सपना देखते हैं, लेकिन नई व्यवस्था उनके सपनों पर चोट पहुंचा रही है। कांग्रेस का कहना है कि जब तक यह योजना वापस नहीं ली जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और इसे जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा। इसके साथ ही कांग्रेस ने चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर कई खामियां सामने आ रही हैं। पार्टी नेताओं के अनुसार यात्रा मार्गों पर ट्रैफिक जाम, पार्किंग की कमी, स्वास्थ्य सेवाओं की अपर्याप्तता और सुरक्षा इंतजामों में ढिलाई जैसे मुद्दे लगातार सामने आ रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने यात्रा के प्रचार पर अधिक ध्यान दिया, जबकि यात्रियों की सुविधाओं को लेकर ठोस तैयारी नहीं की गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि चारधाम यात्रा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह राज्य की अर्थव्यवस्था से भी जुड़ी हुई है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर व्यापक विरोध प्रदर्शन करेगी। वहीं, राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सीमित रही है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक मौसम की चुनौतियों और बढ़ती भीड़ के बावजूद व्यवस्थाओं को बेहतर करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अग्निपथ योजना और चारधाम यात्रा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर कांग्रेस का आक्रामक रुख आने वाले समय में राज्य की राजनीति को और गर्मा सकता है। ऐसे में उत्तराखंड में सियासी घमासान तेज होने के संकेत साफ नजर आ रहे हैं। Post Views: 5 Post navigation चारधाम यात्रा पर मौसम की मार, 8 जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी मुस्लिम समाज पर कथित टिप्पणी को लेकर विवाद, हरिद्वार में विरोध तेज; भीम आर्मी ने की कार्रवाई की मांग