चारधाम यात्रा पर मौसम की मार, 8 जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी
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देहरादून। उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ली है, जिससे यात्रियों और प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ गई है। भारतीय मौसम विभाग ने राज्य के आठ प्रमुख जिलों—उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर, टिहरी, देहरादून और अल्मोड़ा—में अगले 24 से 48 घंटों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इस अलर्ट के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है और चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों, विशेष रूप से 3,500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी की संभावना जताई गई है। वहीं निचले क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है, जिसमें हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और रास्तों के बाधित होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के लिए यह मौसम चुनौतीपूर्ण हो सकता है। खासतौर पर केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यात्री रात के समय यात्रा करने से बचें, क्योंकि अंधेरे और खराब मौसम के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।

इसके साथ ही यात्रियों को पर्याप्त गर्म कपड़े, रेनकोट और जरूरी दवाएं अपने साथ रखने की सलाह दी गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अचानक तापमान गिरने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए बुजुर्ग और बीमार यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।

प्रशासन ने चारधाम यात्रा मार्गों पर तैनात पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड में रखा है। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और जरूरत पड़ने पर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका भी जा सकता है। साथ ही स्थानीय प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था और अर्थव्यवस्था दोनों का महत्वपूर्ण हिस्सा है, ऐसे में मौसम की यह चेतावनी यात्रा की गति को प्रभावित कर सकती है। बावजूद इसके, सरकार और प्रशासन का प्रयास है कि यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा को सुचारु रूप से जारी रखा जाए।

कुल मिलाकर, मौसम विभाग के ‘येलो अलर्ट’ ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दो दिन उत्तराखंड में संवेदनशील रह सकते हैं। ऐसे में सभी यात्रियों और स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।