राज्यव्यापी इमरजेंसी अलर्ट का सफल परीक्षण, मोबाइल पर गूंजा चेतावनी संदेश
Spread the love

देहरादून। उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया, जब पूरे प्रदेश में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) और दूरसंचार विभाग की ओर से ‘सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम’ का सफल परीक्षण किया गया। इस परीक्षण के दौरान दोपहर के समय अचानक हजारों लोगों के मोबाइल फोन पर तेज बीप की आवाज के साथ एक चेतावनी संदेश प्रसारित हुआ, जिससे कुछ समय के लिए लोगों में हलचल मच गई।

अचानक आए इस अलर्ट से कई लोग चौंक गए और कुछ स्थानों पर लोगों में घबराहट की स्थिति भी देखने को मिली। बाजारों, दफ्तरों और घरों में मौजूद लोगों ने इसे पहले वास्तविक खतरे का संकेत समझा और एक-दूसरे से जानकारी लेने लगे। हालांकि कुछ ही देर में प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से स्पष्ट किया गया कि यह केवल एक तकनीकी परीक्षण था, जिसका उद्देश्य भविष्य में किसी भी आपदा की स्थिति में लोगों तक त्वरित सूचना पहुंचाने की व्यवस्था को परखना है।

प्रशासन के अनुसार यह प्रणाली विशेष रूप से बाढ़, भूकंप, भूस्खलन और बादल फटने जैसी आपदाओं के दौरान अत्यंत उपयोगी साबित होगी। इस तकनीक के माध्यम से किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में सीधे मोबाइल फोन पर अलर्ट भेजा जा सकेगा, जिससे लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों की ओर जाने का मौका मिलेगा और जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

अधिकारियों ने बताया कि ‘सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम’ पारंपरिक मैसेजिंग सिस्टम से अलग है, क्योंकि इसमें एक साथ बड़ी संख्या में मोबाइल उपभोक्ताओं तक बिना नेटवर्क जाम हुए संदेश पहुंचाया जा सकता है। यही कारण है कि आपदा जैसी आपात स्थितियों में यह तकनीक बेहद कारगर मानी जा रही है।

शुरुआती भ्रम और घबराहट के बावजूद, इस परीक्षण को सफल माना गया है। सरकार ने आम लोगों से अपील की है कि भविष्य में इस प्रकार के अलर्ट मिलने पर घबराएं नहीं, बल्कि संदेश को ध्यान से पढ़ें और आवश्यक निर्देशों का पालन करें। साथ ही यह भी कहा गया है कि इस प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आगे भी समय-समय पर इस तरह के परीक्षण किए जाएंगे।

कुल मिलाकर, उत्तराखंड जैसे आपदा संभावित राज्य में इस आधुनिक तकनीक का उपयोग आने वाले समय में लोगों की सुरक्षा के लिए एक मजबूत कवच साबित हो सकता है।