हरिद्वार में किशोरी से दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला, फरार दो आरोपी गिरफ्तार, पहले एक भेजा जा चुका जेल
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हरिद्वार जिले के खानपुर क्षेत्र में नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। 15 वर्षीय लड़की के साथ हुई इस वारदात के बाद जहां लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला, वहीं पुलिस पर भी कार्रवाई को लेकर दबाव बढ़ गया। अब इस मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना 29 अप्रैल की है, जब पीड़िता के परिजनों ने थाना खानपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि कुछ युवकों ने किशोरी को नशीला पदार्थ सुंघाकर उसे अगवा कर लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता की हालत खराब हो गई और परिजनों में दहशत फैल गई। मामला सामने आते ही पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया और लोगों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग शुरू कर दी।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। शुरुआती जांच में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। हालांकि अन्य दो आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे और पुलिस को चकमा दे रहे थे।

इस बीच मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई, जिसके चलते वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सख्त कदम उठाते हुए थाना प्रभारी और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए।

पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमों का गठन किया और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी। साथ ही मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश सीमा के पास देखे गए हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने खुशीपुरा क्षेत्र में घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रासिम (21 वर्ष) और रिहान (18 वर्ष) के रूप में हुई है, जो खानपुर क्षेत्र के जोग्गावाला गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ POCSO Act के तहत सख्त धाराओं में कार्रवाई करते हुए उनका चालान कर दिया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर विभाग पूरी तरह संवेदनशील और सख्त है। ऐसे मामलों में आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़िता को हर संभव सहायता और न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

इस घटना के बाद क्षेत्र में सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की थी। कई संगठनों ने थाना परिसर में धरना-प्रदर्शन कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी। लोगों का कहना था कि इस तरह की घटनाएं समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और प्रशासन को ऐसे मामलों में और अधिक सख्ती बरतनी चाहिए।

मामले ने एक बार फिर महिलाओं और खासकर नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और सुरक्षा उपायों को भी मजबूत करने की आवश्यकता है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घटना में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। साथ ही पीड़िता की सुरक्षा और काउंसलिंग की भी व्यवस्था की जा रही है, ताकि वह इस मानसिक आघात से उबर सके।

कुल मिलाकर, इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई से जहां आरोपियों की गिरफ्तारी संभव हो पाई है, वहीं यह घटना समाज और प्रशासन दोनों के लिए एक चेतावनी भी है |