Spread the loveदैनिक प्रभातवाणी ब्यूरोप्रदेश में पीएम पोषण योजना के तहत संचालित मदरसों की जांच के दौरान बड़ा खुलासा सामने आया है। सरकार द्वारा चलाए जा रहे सत्यापन अभियान में अब तक 131 मदरसों की जांच की गई, जिनमें से 23 मदरसे संदिग्ध पाए गए हैं। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासन ने इन मदरसों को मिलने वाली सरकारी धनराशि पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। मामले को गंभीर मानते हुए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों को मध्याह्न भोजन, पोषण सहायता और अन्य शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। सरकार को पिछले कुछ समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कई संस्थान वास्तविक छात्र संख्या से अधिक बच्चों का रिकॉर्ड दिखाकर सरकारी धनराशि प्राप्त कर रहे हैं। इसके अलावा कुछ मदरसों के संचालन, पंजीकरण और दस्तावेजों को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। शिकायतों के आधार पर राज्य स्तर पर जांच अभियान शुरू किया गया।जांच टीमों ने विभिन्न जिलों में पहुंचकर मदरसों का भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान कई स्थानों पर रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर देखने को मिला। अधिकारियों के अनुसार कुछ मदरसों में छात्र संख्या कागजों में काफी अधिक दिखाई गई, जबकि मौके पर उपस्थित छात्रों की संख्या बेहद कम मिली। वहीं कुछ संस्थानों में जरूरी दस्तावेज, मान्यता संबंधी कागजात और बैंकिंग रिकॉर्ड अधूरे पाए गए। कई जगहों पर योजना के लाभार्थियों का सत्यापन भी सही तरीके से नहीं किया गया था।प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जिन 23 मदरसों को संदिग्ध श्रेणी में रखा गया है, वहां वित्तीय अनियमितताओं की आशंका को देखते हुए फिलहाल सरकारी फंडिंग रोक दी गई है। अब इन संस्थानों से अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जा रहे हैं और उनकी विस्तृत वित्तीय जांच की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी, फर्जी छात्र संख्या या सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो संबंधित संचालकों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई किसी धर्म या समुदाय विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है। सरकार चाहती है कि पीएम पोषण योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचे और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या फर्जीवाड़ा न हो। इसी कारण सभी जिलों में लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है।सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में अन्य शिक्षण संस्थानों और मदरसों की भी जांच की जाएगी। सरकार पूरे प्रदेश में शिक्षा और पोषण योजनाओं का डिजिटल सत्यापन कराने की तैयारी में है ताकि लाभार्थियों का वास्तविक डेटा सामने आ सके। इसके साथ ही संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल उच्च अधिकारियों को दी जाए।इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासनिक तंत्र में भी हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि जांच का दायरा आगे और बढ़ सकता है तथा कई अन्य संस्थान भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। फिलहाल प्रशासन पूरी रिपोर्ट तैयार करने में जुटा हुआ है और विस्तृत जांच पूरी होने के बाद अंतिम कार्रवाई की जाएगी। Post Views: 11 Post navigationउत्तराखंड में मौसम ने बदला मिजाज, 5 जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का येलो अलर्ट चंपावत गैंगरेप मामले में बड़ा खुलासा: पुलिस जांच में निकली साजिश, तीनों नामजद आरोपी निर्दोष