Spread the love दैनिक प्रभातवाणी ब्यूरो | देहरादून देहरादून पुलिस ने एक बार फिर अपनी तत्परता, तकनीकी दक्षता और संवेदनशील कार्यशैली का परिचय देते हुए डोईवाला क्षेत्र से लापता हुए छह नाबालिग बच्चों को मात्र छह घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। बच्चों के अचानक गायब होने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर तत्काल विशेष टीमें गठित की गईं और व्यापक स्तर पर खोज अभियान शुरू किया गया। पुलिस की तेज कार्रवाई और लगातार की गई तकनीकी जांच के चलते सभी बच्चों को हरिद्वार क्षेत्र से सुरक्षित बरामद कर लिया गया। जानकारी के अनुसार डोईवाला क्षेत्र के रहने वाले छह नाबालिग बच्चे स्कूल जाने के बाद अचानक घर नहीं लौटे। शाम तक बच्चों के घर न पहुंचने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिजनों ने अपने स्तर पर खोजबीन की, लेकिन बच्चों का कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। एक साथ छह बच्चों के लापता होने की खबर मिलते ही पुलिस ने इसे बेहद संवेदनशील मामला मानते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने बच्चों की तलाश के लिए शहर और आसपास के क्षेत्रों में सघन अभियान चलाया। सबसे पहले स्कूल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसके साथ ही बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों, मोबाइल संपर्कों और संभावित लोकेशनों की जानकारी जुटाई गई। पुलिस की तकनीकी टीम लगातार विभिन्न माध्यमों से बच्चों की गतिविधियों का पता लगाने में जुटी रही। जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनके आधार पर बच्चों की लोकेशन हरिद्वार क्षेत्र में ट्रेस हुई। इसके बाद पुलिस टीम तत्काल हरिद्वार रवाना हुई और लगातार खोजबीन के बाद सभी छह बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार बच्चे पूरी तरह सुरक्षित पाए गए और उनके साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई थी। प्रारंभिक पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे स्कूल के बाद बिना किसी को बताए घूमने के उद्देश्य से हरिद्वार चले गए थे। बच्चों ने परिवार को जानकारी नहीं दी थी, जिससे परिजन घबरा गए और मामला गंभीर हो गया। पुलिस ने बच्चों को समझाइश देने के बाद उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बच्चों की सकुशल बरामदगी के बाद परिवारों ने राहत की सांस ली। परिजनों ने उत्तराखंड पुलिस और दून पुलिस की कार्यशैली की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस तत्परता नहीं दिखाती तो मामला और अधिक गंभीर हो सकता था। कई अभिभावकों की आंखों में अपने बच्चों को सुरक्षित देखकर खुशी और राहत साफ दिखाई दी। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बच्चों और किशोरों के मामलों में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है, इसलिए सूचना मिलते ही हर स्तर पर तेजी से कार्रवाई की गई। पुलिस ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें बिना बताए कहीं बाहर न जाने के लिए जागरूक करें। साथ ही बच्चों को मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग को लेकर भी समझाना जरूरी बताया गया। दून पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी बच्चों, महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसी प्रकार त्वरित कार्रवाई जारी रखी जाएगी। पुलिस की इस सफल कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में भी दून पुलिस की कार्यशैली की चर्चा हो रही है। Post Views: 6 Post navigation चंपावत गैंगरेप मामले में बड़ा खुलासा: पुलिस जांच में निकली साजिश, तीनों नामजद आरोपी निर्दोष लक्सर में एक साथ 9 शिक्षक बर्खास्त, नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप