उत्तराखंड में पेट्रोल-डीजल महंगा: 3 रुपये तक बढ़े दाम, वैश्विक तेल संकट का असर
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Uttarakhand में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण राज्य में ईंधन करीब 3 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो गया है। नई दरें लागू होने के बाद आम लोगों से लेकर परिवहन और व्यापार क्षेत्र तक इसका असर दिखाई देने लगा है।

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा जारी नई कीमतों के अनुसार देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और अल्मोड़ा समेत कई शहरों में पेट्रोल और डीजल के दामों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।

उत्तराखंड के प्रमुख शहरों में आज के पेट्रोल-डीजल भाव
Dehradun

पेट्रोल: ₹96.51 प्रति लीटर
डीजल: ₹91.35 प्रति लीटर

Haridwar

पेट्रोल: ₹96.23 प्रति लीटर
डीजल: ₹90.63 प्रति लीटर

Nainital

पेट्रोल: ₹96.23 प्रति लीटर
डीजल: ₹91.35 प्रति लीटर

Almora

पेट्रोल: ₹97.91 प्रति लीटर
डीजल: ₹92.78 प्रति लीटर

क्यों बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम?

इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी मानी जा रही है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण तेल आपूर्ति पर असर पड़ा है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित होने से वैश्विक बाजार में चिंता बढ़ गई है।

बताया जा रहा है कि ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत बढ़कर लगभग 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। इसका सीधा असर भारत समेत कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ रहा है।

पहाड़ी जिलों में सबसे महंगा ईंधन

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में ईंधन की कीमतें मैदानी इलाकों की तुलना में अधिक बनी हुई हैं। इसका मुख्य कारण परिवहन लागत और स्थानीय टैक्स व्यवस्था को माना जा रहा है।

Bageshwar, Chamoli और Uttarkashi जैसे पहाड़ी जिलों में माल ढुलाई खर्च अधिक होने के कारण पेट्रोल और डीजल के दाम ऊंचे बने हुए हैं।

आम जनता पर बढ़ेगा बोझ

ईंधन महंगा होने का असर सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है। परिवहन लागत बढ़ने से सब्जियों, राशन और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं।

बस, टैक्सी और माल ढुलाई सेवाओं के किराए में भी वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में जहां पहले से ही परिवहन महंगा है, वहां लोगों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

व्यापार और पर्यटन क्षेत्र पर असर

उत्तराखंड में पर्यटन सीजन के दौरान ईंधन कीमतों में वृद्धि का असर पर्यटन कारोबार पर भी पड़ सकता है। टैक्सी यूनियनों और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों से परिचालन लागत बढ़ रही है।

चारधाम यात्रा और पर्यटन स्थलों पर आने-जाने वाले यात्रियों को भी महंगे किराए का सामना करना पड़ सकता है।

विशेषज्ञों की राय

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल और महंगे हो सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक तनाव कम होने और तेल आपूर्ति सामान्य होने के बाद ही कीमतों में राहत मिलने की संभावना है।