चारधाम यात्रा 2026: 13 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, 45 यात्रियों की मौत के बाद स्वास्थ्य अलर्ट जारी
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Uttarakhand में चल रही चारधाम यात्रा 2026 इस बार नए रिकॉर्ड बना रही है। बाबा केदार, बद्रीविशाल, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। यात्रा शुरू होने के महज 25 दिनों के भीतर ही चारों धामों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 13 लाख के पार पहुंच गई है। लगातार बढ़ती भीड़ के बीच प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ती जा रही है।

Kedarnath Temple, Badrinath Temple, Gangotri Temple और Yamunotri Temple में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर दिखाई दे रहा है। अकेले एक दिन में 80 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जिससे यात्रा मार्गों पर भारी दबाव देखने को मिला।


यात्रा में नया रिकॉर्ड, हर दिन उमड़ रही भीड़

चारधाम यात्रा को लेकर इस बार देशभर से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है। सुबह से ही धामों में लंबी कतारें लग रही हैं। हेलीकॉप्टर सेवाओं से लेकर पैदल मार्ग तक हर जगह यात्रियों की भीड़ दिखाई दे रही है।

केदारनाथ धाम में सबसे अधिक भीड़ देखी जा रही है, जहां बाबा केदार के दर्शन के लिए श्रद्धालु घंटों इंतजार कर रहे हैं। बद्रीनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं का लगातार पहुंचना जारी है। वहीं गंगोत्री और यमुनोत्री में भी यात्रियों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में अधिक दर्ज की जा रही है।


स्वास्थ्य विभाग की बड़ी चेतावनी

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर चेतावनी जारी की है। यात्रा के शुरुआती 25 दिनों में अब तक 45 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। इनमें ज्यादातर मौतें हार्ट अटैक, हाई एल्टीट्यूड सिकनेस और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं के कारण बताई जा रही हैं।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने यात्रियों से अपील करते हुए कहा है कि जो लोग पहले से बीमार हैं या जिनकी शारीरिक क्षमता कमजोर है, वे बिना डॉक्टर की सलाह के कठिन चढ़ाई न करें। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में शरीर पर अचानक दबाव बढ़ता है, जिससे कई बार जानलेवा स्थिति बन जाती है।


ऊंचाई वाले क्षेत्रों में क्यों बढ़ रहा खतरा?

केदारनाथ और यमुनोत्री जैसे धाम समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर स्थित हैं। यहां ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है और शरीर को वातावरण के अनुसार ढलने में समय लगता है।

जो लोग हृदय रोग, अस्थमा, हाई बीपी या डायबिटीज जैसी बीमारियों से पीड़ित हैं, उनके लिए यह यात्रा जोखिम भरी हो सकती है। कई श्रद्धालु बिना स्वास्थ्य जांच के यात्रा शुरू कर देते हैं, जिससे रास्ते में तबीयत बिगड़ने की घटनाएं बढ़ रही हैं।


प्रशासन ने बढ़ाई मेडिकल सुविधाएं

राज्य सरकार ने यात्रा मार्गों पर मेडिकल टीमों की संख्या बढ़ा दी है। जगह-जगह स्वास्थ्य जांच केंद्र बनाए गए हैं जहां यात्रियों का ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन लेवल जांचा जा रहा है।

आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस और एयर रेस्क्यू सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। यात्रा मार्गों पर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की अतिरिक्त तैनाती की गई है।


यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रा पर जाने से पहले पूरा हेल्थ चेकअप जरूर कराना चाहिए। जिन लोगों को सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द या हाई बीपी की समस्या है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

यात्रियों को पर्याप्त पानी पीने, धीरे-धीरे चढ़ाई करने और अधिक थकान से बचने की सलाह दी गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अचानक दौड़ना या भारी सामान उठाना भी खतरनाक साबित हो सकता है।


पर्यटन और स्थानीय कारोबार को बड़ा लाभ

चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड भीड़ का असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। होटल, ढाबे, टैक्सी और घोड़ा-खच्चर व्यवसाय से जुड़े लोगों की आय में तेजी आई है।

रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिलों में पर्यटन कारोबार इस बार काफी मजबूत माना जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार यात्रियों की संख्या कहीं अधिक है।


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