मौसम का बदला मिजाज: पहाड़ों में बारिश-बर्फबारी, आंधी-तूफान का कहर, रुद्रप्रयाग में आकाशीय बिजली से दो सगे भाइयों की मौत
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देहरादून। उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के बीच अब प्रदेश के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में मौसम पूरी तरह बदल गया है। देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली और गढ़वाल मंडल के कई इलाकों में तेज हवाओं, गर्जना और बारिश का दौर जारी है। कई स्थानों पर बूंदाबांदी के साथ तेज आंधी चलने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी दिनों के लिए भी कई जिलों में बारिश, आंधी और आकाशीय बिजली को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदला है। 3800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। बदरीनाथ, केदारनाथ, तुंगनाथ और आसपास की ऊंची चोटियों पर बर्फ की नई परत जमने से तापमान में गिरावट आई है। वहीं निचले इलाकों में बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली है।

इस बीच रुद्रप्रयाग जिले के तुंगनाथ-चंद्रशिला क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। खराब मौसम, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की घटना में लखनऊ के दो सगे भाइयों की मौत हो गई। बताया गया कि दोनों भाई अपने साथियों के साथ ट्रेकिंग के लिए पहुंचे थे। अचानक मौसम बिगड़ने के बाद क्षेत्र में तेज गर्जना और बिजली गिरने की घटना हुई, जिसकी चपेट में आने से दोनों युवकों की जान चली गई। हादसे में अन्य पर्यटक भी घायल हुए हैं, जबकि कई लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।

प्रशासन और SDRF की टीमों ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। खराब मौसम के बावजूद रेस्क्यू दलों ने कई फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। अधिकारियों ने पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से मौसम अपडेट पर नजर रखने तथा खराब मौसम के दौरान ऊंचाई वाले इलाकों में जाने से बचने की अपील की है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटों के दौरान उत्तराखंड के कई जिलों में तेज हवाएं, गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है। विशेष रूप से चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे पर्वतीय जिलों में लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

प्रदेश में मौसम के इस बदले हुए स्वरूप ने जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं प्राकृतिक आपदाओं का खतरा भी बढ़ा दिया है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

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