Spread the loveहरिद्वार। जिले के भगवानपुर क्षेत्र में हत्या के एक गंभीर मामले में फरार चल रहे आरोपियों के खिलाफ हरिद्वार पुलिस ने बड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए उनके घरों पर मुनादी कराई। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने ढोल-नगाड़ों के साथ आरोपियों के निवास स्थान और आसपास के क्षेत्रों में उद्घोषणा कर उन्हें निर्धारित समय के भीतर न्यायालय अथवा पुलिस के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपी लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहे हैं। कई स्थानों पर दबिश देने के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया। इसके बाद न्यायालय से धारा 82 सीआरपीसी के तहत उद्घोषणा की अनुमति प्राप्त की गई। आदेश मिलने के बाद पुलिस टीम आरोपियों के घर पहुंची और सार्वजनिक रूप से मुनादी कराई। मुनादी के दौरान स्थानीय लोगों को भी यह जानकारी दी गई कि संबंधित आरोपी हत्या के मामले में वांछित हैं और कानून से बचने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों को चेतावनी दी कि यदि वे निर्धारित अवधि के भीतर आत्मसमर्पण नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी हरिद्वार के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई को अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि संगीन अपराधों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में लाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि उद्घोषणा के बावजूद आरोपी न्यायालय या पुलिस के समक्ष उपस्थित नहीं होते हैं, तो अगली कार्रवाई के रूप में न्यायालय से धारा 83 के तहत उनकी संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके तहत आरोपियों की चल-अचल संपत्ति को जब्त किया जा सकता है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई से कानून व्यवस्था मजबूत होगी और समाज में अपराध के प्रति भय का वातावरण बनेगा। हरिद्वार पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को फरार आरोपियों के संबंध में कोई जानकारी मिले तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करे ताकि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके। Post Views: 2 Post navigation देहरादून वसंत विहार में NEET छात्रा की आत्महत्या, पुलिस जांच जारी कर्णप्रयाग में धारदार हथियार से हमला करने वाले 4 निहंग यात्री गिरफ्तार, 3 जेल भेजे गए