उत्तराखंड में जल्द दस्तक देगा मानसून: अगले 3 से 4 दिनों में कुमाऊं से होगी एंट्री, अंधड़ और बारिश का येलो अलर्ट
Spread the love

देहरादून। उत्तराखंड में भीषण उमस और गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। देहरादून स्थित India Meteorological Department के मौसम विज्ञान केंद्र की ‘मानसून वॉच’ रिपोर्ट के अनुसार, लगभग एक सप्ताह की देरी के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले तीन से चार दिनों के भीतर कुमाऊं क्षेत्र के रास्ते उत्तराखंड में विधिवत प्रवेश कर सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियां बन रही हैं और प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने लगी हैं।

मौसम विभाग ने राज्य के मैदानी और पर्वतीय जिलों के लिए तेज हवाओं, आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। आगामी 24 से 48 घंटों के दौरान कई इलाकों में तेज झोंके वाली हवाएं चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर बिजली चमकने की भी संभावना है। इन गतिविधियों से तापमान में आंशिक गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।

वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों से होकर गुजर रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त हवाओं की गति अपेक्षाकृत धीमी रहने के कारण इस बार उत्तराखंड में मानसून सामान्य तिथि से लगभग एक सप्ताह विलंब से पहुंच रहा है। सामान्य परिस्थितियों में राज्य में मानसून का प्रवेश 25 जून के आसपास माना जाता है।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों को कवर करने के बाद मानसून कुमाऊं मंडल के रास्ते उत्तराखंड में प्रवेश करेगा। इसके बाद धीरे-धीरे यह पूरे प्रदेश में सक्रिय हो जाएगा, जिससे अधिकांश जिलों में नियमित वर्षा का दौर शुरू होने की संभावना है।

उधर, प्री-मानसून की गतिविधियों और वातावरण में बढ़ी आर्द्रता के कारण देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश सहित मैदानी क्षेत्रों में लोग पिछले कई दिनों से असहनीय उमस का सामना कर रहे हैं। दिन के साथ-साथ रात के समय भी गर्मी का प्रभाव महसूस किया जा रहा है। देहरादून में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 1.5 डिग्री सेल्सियस से 3 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया जा रहा है।

मौसम विभाग ने लोगों से आंधी और बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी है। वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों और चारधाम यात्रियों को मौसम पूर्वानुमान और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के उत्तराखंड में सक्रिय होते ही तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी और लंबे समय से जारी उमस भरे मौसम से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, मानसून के शुरुआती दौर में पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, मार्ग अवरोध और अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी परिस्थितियों की संभावना को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग भी सतर्क हो गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *