Spread the love बद्रीनाथ, चमोली। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच बद्रीनाथ धाम में अलकनंदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से स्थिति गंभीर हो गई है। नदी का तेज बहाव और बढ़ता जलस्तर देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन यात्रियों के घाटों पर जाने और नदी में स्नान करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अलकनंदा नदी के उफान के कारण बद्रीनाथ धाम के प्रमुख घाटों में शामिल गांधी घाट और ब्रह्म कपाल पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। नदी का बहाव इतना तेज है कि तटीय क्षेत्रों के पास खड़ा होना भी जोखिम भरा माना जा रहा है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन ने नदी किनारे जाने वाले सभी मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी है। पुलिस और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (State Disaster Response Force) की टीमें घाटों के आसपास तैनात हैं। रस्सियों और लोहे के अवरोधक लगाकर यात्रियों को नदी की ओर जाने से रोका जा रहा है। लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार घोषणाएं कर श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे नदी किनारे जाकर तस्वीरें लेने, वीडियो बनाने या सेल्फी लेने की कोशिश न करें। इस बीच, चारधाम यात्रा मार्ग पर भी बारिश का व्यापक असर दिखाई दे रहा है। बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-07) पर चमोली जिले के लामबगड़, पागलनाला और कंचनगंगा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार मलबा और पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके कारण कई स्थानों पर यातायात बाधित हो रहा है और वाहनों की आवाजाही रुक-रुक कर संचालित की जा रही है। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भी प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। रुद्रप्रयाग जिले के सिरोबगड़ और सोनप्रयाग क्षेत्र में भारी बारिश के कारण यात्रियों की आवाजाही धीमी कर दी गई है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर भी यात्रियों को सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने मौसम सामान्य होने तक तीर्थयात्रियों से जोशीमठ, पीपलकोटी और पांडुकेश्वर जैसे सुरक्षित पड़ावों पर ही रुकने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम और सड़क की स्थिति में सुधार होने के बाद ही आगे की यात्रा की अनुमति दी जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालु किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। किसी भी आपात स्थिति में उत्तराखंड पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 तथा चमोली आपदा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 01372-252101 पर संपर्क किया जा सकता है। Post Views: 2 Post navigation उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश का कहर, कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी; प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी डमरू की गूंज और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ