डमरू की गूंज और 'हर-हर महादेव' के जयघोष के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ
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टनकपुर, चम्पावत। दैनिक प्रभातवाणी । 

सीमांत जनपद चम्पावत के टनकपुर में कैलाश मानसरोवर यात्रा के शुभारंभ अवसर पर आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने स्वयं डमरू बजाकर और “हर-हर महादेव” का उद्घोष कर तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को भावपूर्ण विदाई दी। पूरे आयोजन स्थल पर शिव भजनों, मंत्रोच्चार और जयघोष की गूंज के बीच वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।

इस अवसर पर उत्तराखंड की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक परंपराओं की भी झलक दिखाई दी। कुमाऊं के प्रसिद्ध Chholiya Dance की प्रस्तुतियों और ढोल-दमाऊं की थाप के साथ तीर्थयात्रियों का भव्य स्वागत किया गया। पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार श्रद्धालुओं का तिलक लगाकर और पुष्पमालाएं पहनाकर अभिनंदन किया गया। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे शिवभक्त इस स्वागत से भावविभोर दिखाई दिए।

कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला जत्था टनकपुर से आगे बढ़ते हुए चम्पावत और पिथौरागढ़ जिलों के विभिन्न पड़ावों से होकर भारत-चीन सीमा पर स्थित Lipulekh Pass की ओर प्रस्थान करेगा। यह यात्रा धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है और हर वर्ष हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के पवित्र धाम कैलाश पर्वत और मानसरोवर के दर्शन की आकांक्षा के साथ इसमें भाग लेते हैं।

मानसून और भारी बारिश की संभावनाओं को देखते हुए इस बार यात्रा के लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। तीर्थयात्रियों के साथ State Disaster Response Force, चिकित्सा दल और स्थानीय पुलिस की विशेष एस्कॉर्ट टीमें तैनात की गई हैं। संवेदनशील मार्गों पर मौसम और सड़क की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य किया जा सके।

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। Kumaon Mandal Vikas Nigam के होमस्टे और अतिथि गृहों में आधुनिक सुविधाएं, बेहतर आवास व्यवस्था, वाई-फाई कनेक्टिविटी और स्वास्थ्य जांच शिविर स्थापित किए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और यादगार तीर्थ अनुभव प्रदान करना है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक एकता और सीमांत क्षेत्रों के विकास का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने सभी यात्रियों के सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए भगवान शिव से प्रदेश और देश की समृद्धि एवं कल्याण की प्रार्थना की।

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