Spread the loveबद्रीनाथ, चमोली। दैनिक प्रभातवाणी । विश्वप्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे और दान राशि में कथित हेरफेर के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले में श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और धार्मिक संगठनों के बीच चिंता का माहौल है। मामले को गंभीरता से लेते हुए Shri Badrinath-Kedarnath Temple Committee (बीकेटीसी) ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है और उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी Sohan Singh Rongad के अनुसार, मंदिर परिसर में लगे 32 सीसीटीवी कैमरों को बदलना एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा था। उन्होंने बताया कि एक दानी द्वारा मंदिर को हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे भेंट किए जाने के बाद पुराने कैमरों को हटाकर नए कैमरे लगाए गए। प्रशासन का कहना है कि कैमरों के बदलाव का चढ़ावे में कथित हेरफेर से कोई प्रत्यक्ष संबंध स्थापित नहीं हुआ है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। बीकेटीसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि पुराने सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग डीवीआर प्रणाली में सुरक्षित रखी गई है। जांच समिति इन फुटेज का बारीकी से परीक्षण कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि मंदिर में प्राप्त दान और चढ़ावे के प्रबंधन में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या नहीं। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए चार सदस्यीय विशेष जांच समिति गठित की गई है। समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपने का निर्देश दिया गया है। जांच पूरी होने तक बीकेटीसी अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को मंदिर के कार्यों से अलग कर दिया गया है। इसके अलावा, जिन कर्मचारियों के नाम प्रारंभिक शिकायतों में सामने आए हैं, उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। बीकेटीसी ने साफ किया है कि यदि जांच में वित्तीय अनियमितता, चढ़ावे में हेरफेर या किसी प्रकार की चोरी की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ बीकेटीसी अधिनियम, 1939 और कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। समिति का कहना है कि बद्रीनाथ धाम की पवित्रता, पारदर्शिता और श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस मामले की शुरुआत सोशल मीडिया पर सक्रिय संगठन Bhairav Sena द्वारा शिकायत उठाए जाने के बाद हुई। संगठन ने मंदिर प्रबंधन से जुड़े कुछ कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। वहीं, बद्रीनाथ धाम के हक-हकूकधारियों और स्थानीय तीर्थ पुरोहितों ने भी इस मामले पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami से पूरे प्रकरण की विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने और श्रद्धालुओं के विश्वास को कायम रखने के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच आवश्यक है। प्रशासन ने देश और विदेश के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जांच पूरी होने तक किसी भी अपुष्ट जानकारी, अफवाह या सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक दावों पर विश्वास न करें। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। Post Views: 2 Post navigation डमरू की गूंज और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ उत्तराखंड में मानसून का कहर: कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी