Spread the loveदेहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने, नदियों के जलस्तर में वृद्धि और जलभराव जैसी घटनाओं के कारण प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। मौसम की गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए नागरिकों और यात्रियों के लिए विशेष सुरक्षा सलाह जारी की गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अत्यधिक प्रभावित पर्वतीय क्षेत्रों, विशेषकर चमोली, बागेश्वर तथा अन्य संवेदनशील जिलों की अनावश्यक यात्रा से बचें। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। पहाड़ी ढलानों, कटिंग वाले क्षेत्रों और लैंडस्लाइड जोन के आसपास रुकने से बचने की सलाह दी गई है। यात्रा पर निकलने से पहले संबंधित जिला प्रशासन, उत्तराखंड पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी ताजा सड़क और मौसम संबंधी अपडेट अवश्य देख लें। कई मार्गों पर मलबा आने और सड़कें बंद होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से नदियों, गदेरों और बरसाती नालों के किनारे जाने से भी परहेज करने को कहा है। लगातार वर्षा के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे निचले इलाकों में खतरा बना हुआ है। जलभराव वाली सड़कों, उफनते नालों अथवा तेज बहाव वाले पानी को पैदल या वाहन से पार करने का प्रयास न करें। आपदा की स्थिति को देखते हुए प्रत्येक परिवार को एक आवश्यक इमरजेंसी किट तैयार रखने की सलाह दी गई है। इसमें आवश्यक दवाइयाँ, टॉर्च, अतिरिक्त बैटरियाँ, पावर बैंक, पीने का पानी, माचिस तथा कुछ दिनों का सूखा खाद्य सामग्री शामिल होनी चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके। किसी भी आपातकालीन स्थिति में नागरिक तुरंत 112 (आपातकालीन सहायता) या 1077 (जिला आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष) पर संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है। लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना ही सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी उपाय है। नागरिकों से अपील की गई है कि मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें और किसी भी आपदा संबंधी सूचना मिलने पर तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचित करें। Post Views: 2 Post navigation बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे को लेकर विवाद गहराया, जांच की मांग तेज; गर्भगृह में स्पाई कैमरे से वीडियो बनाने का मामला भी आया सामने केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम में पारदर्शिता पर जोर, चढ़ावा व्यवस्था और सुरक्षा नियमों में बड़े बदलाव