उत्तराखंड: मूसलाधार बारिश से चारधाम यात्रा प्रभावित, 173 सड़कें बंद, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
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देहरादून। दैनिक प्रभातवाणी।

उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे राज्य में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पर्वतीय जिलों में लगातार हो रहे भूस्खलन, चट्टानें खिसकने और नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण चारधाम यात्रा भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से हजारों श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं राज्यभर में 173 से अधिक छोटी-बड़ी सड़कें बंद होने से कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से कट गया है।

यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग 52 घंटे से बंद

उत्तरकाशी जिले के स्यानाचट्टी के समीप भारी भूस्खलन के चलते यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पिछले 52 घंटों से पूरी तरह बंद है। लगातार पहाड़ी से मलबा और बड़े-बड़े पत्थर गिरने के कारण सड़क पर यातायात बहाल नहीं हो सका है।

सीमा सड़क संगठन (BRO), लोक निर्माण विभाग (PWD) तथा जिला प्रशासन की टीमें लगातार जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हुई हैं। हालांकि लगातार बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है। सुरक्षा कारणों से प्रशासन समय-समय पर मशीनों का संचालन भी रोक रहा है।

बद्रीनाथ हाईवे पर भी संकट

रुद्रप्रयाग जिले के खांकरा क्षेत्र में पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें गिरने से बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग भी बाधित हो गया। कुछ समय तक यातायात पूरी तरह बंद रहा। प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित बनाना चुनौती बना हुआ है।

बद्रीनाथ धाम जाने वाले यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोककर प्रशासन सड़क खुलने का इंतजार कराने की व्यवस्था कर रहा है।

चारधाम यात्रा पर पड़ा व्यापक असर

यमुनोत्री और बद्रीनाथ मार्ग प्रभावित होने से चारधाम यात्रा की रफ्तार धीमी पड़ गई है। हजारों श्रद्धालुओं को विभिन्न पड़ावों पर रुकना पड़ रहा है। प्रशासन यात्रियों को भोजन, पेयजल और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम सामान्य होने के बाद ही वाहनों की आवाजाही की अनुमति दी जाएगी।

173 से अधिक सड़कें बंद

प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण 173 से अधिक संपर्क मार्ग, ग्रामीण सड़कें और कई प्रमुख मार्ग बंद हो गए हैं। सबसे अधिक असर उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, पिथौरागढ़, बागेश्वर और पौड़ी गढ़वाल जिलों में देखा जा रहा है।

सड़कें बंद होने से अनेक गांवों में खाद्य सामग्री, दूध, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हुई है। कई क्षेत्रों में स्कूल, सरकारी कार्यालय और बाजारों तक पहुंचना भी कठिन हो गया है।

भूस्खलन का खतरा लगातार बना हुआ

विशेषज्ञों के अनुसार लगातार वर्षा के कारण पर्वतीय क्षेत्रों की मिट्टी पूरी तरह संतृप्त हो चुकी है। ऐसे में हल्की बारिश भी बड़े भूस्खलन का कारण बन सकती है। कई संवेदनशील स्थानों पर पहाड़ों में दरारें भी देखी जा रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में खतरा और बढ़ सकता है।

नदियों का जलस्तर बढ़ा

लगातार बारिश के कारण अलकनंदा, भागीरथी, मंदाकिनी, यमुना, काली और गौला सहित कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है।

प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

परिवहन विभाग, पुलिस और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है।

यात्रियों से अपील की गई है कि—

  • यात्रा शुरू करने से पहले मौसम और सड़क की ताजा जानकारी अवश्य लें।
  • रात के समय पहाड़ी मार्गों पर वाहन चलाने से बचें।
  • भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में वाहन न रोकें।
  • तेज बारिश होने पर सुरक्षित स्थानों पर ही रुकें।
  • प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
  • अफवाहों पर ध्यान न दें तथा केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।

राहत एवं बचाव कार्य जारी

राज्य सरकार ने सभी जिलों के प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा है। आपदा प्रबंधन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, लोक निर्माण विभाग और बीआरओ की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात हैं। जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की सहायता से बंद मार्गों को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।

जहां आवश्यकता पड़ रही है, वहां फंसे यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए राहत दल लगातार काम कर रहे हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने आने वाले 24 से 48 घंटों के दौरान उत्तराखंड के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई है। इसके साथ ही भूस्खलन, अचानक बाढ़ और नदी-नालों के उफान पर रहने की चेतावनी जारी की गई है। उत्तराखंड में जारी भारी बारिश ने चारधाम यात्रा और सामान्य जनजीवन दोनों को प्रभावित किया है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है, लेकिन मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए यात्रियों और स्थानीय लोगों से अत्यधिक सतर्क रहने की अपील की जा रही है। जब तक मौसम पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाता, अनावश्यक यात्रा से बचना ही सबसे सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।

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