उत्तराखंड में मौसम का कहर: 14 से 16 जुलाई तक रेड और ऑरेंज अलर्ट, कई जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी
Spread the love

देहरादून। दैनिक प्रभातवाणी । 

उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर बेहद सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) देहरादून केंद्र ने राज्य के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। मौसम विभाग के अनुसार, 14 से 16 जुलाई 2026 के दौरान कई पर्वतीय और मैदानी जिलों में तेज बारिश, आकाशीय बिजली, भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं का खतरा बना रहेगा।

आज इन जिलों में सबसे अधिक खतरा

मौसम विभाग ने बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में आज अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई है। इन क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और नदी-नालों के उफान पर आने का खतरा अधिक है।

14 से 16 जुलाई तक रेड और ऑरेंज अलर्ट

आईएमडी के अनुसार देहरादून, नैनीताल सहित कई जिलों में 14 से 16 जुलाई के बीच भारी से बहुत भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लगातार वर्षा के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कें बाधित होने, जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

क्यों बिगड़ा मौसम?

वैज्ञानिकों के अनुसार, राजस्थान से पश्चिम बंगाल तक फैली सक्रिय मानसूनी ट्रफ तथा समुद्र तल से ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के संयुक्त प्रभाव से उत्तराखंड में मानसून बेहद उग्र रूप ले चुका है। यही कारण है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

लोगों के लिए जरूरी सावधानियां

  • अनावश्यक रूप से पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने से बचें।
  • भूस्खलन संभावित मार्गों पर विशेष सावधानी बरतें।
  • नदी, नालों और गदेरों के किनारे जाने से बचें।
  • मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहें।
  • जिला प्रशासन और मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें।
  • यात्रा पर निकलने से पहले सड़क और मौसम की स्थिति की जानकारी अवश्य लें।

प्रशासन अलर्ट मोड पर

संभावित आपदा को देखते हुए जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य राहत एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी की गई है।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन व प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का ही पालन करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *