Spread the loveदेहरादून । दैनिक प्रभातवाणी। उत्तराखंड में बुधवार को दो अलग-अलग सड़क हादसों ने लोगों को झकझोर दिया। चमोली जिले के गोपेश्वर में एक अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से एक पूर्व नौसैनिक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर देवप्रयाग के निकट उत्तराखंड परिवहन निगम (रोडवेज) की बस और एक कार के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें कार सवार चार लोग घायल हो गए। गोपेश्वर में अनियंत्रित ट्रक ने ली पूर्व नौसैनिक की जान जानकारी के अनुसार, गोपेश्वर क्षेत्र में एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रक ने सड़क पर जा रहे पूर्व नौसैनिक को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है तथा चालक से पूछताछ की जा रही है। हादसे के कारणों की जांच जारी है। देवप्रयाग में बस और कार की आमने-सामने भिड़ंत दूसरी घटना बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर देवप्रयाग के समीप हुई, जहां उत्तराखंड रोडवेज की एक बस और कार के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार चार लोग घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों, पुलिस और राहत दल ने घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायलों का उपचार जारी है। दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद सामान्य कराया। बारिश के मौसम में सतर्कता की अपील लगातार हो रही बारिश के बीच पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कें फिसलनभरी हो गई हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने यात्रियों और वाहन चालकों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानीपूर्वक वाहन चलाने, ओवरस्पीडिंग से बचने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। पुलिस दोनों घटनाओं के संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई और विस्तृत जांच कर रही है। Post Views: 2 Post navigation उत्तराखंड में मौसम का बदला मिजाज: पहाड़ों में येलो अलर्ट, मैदानों में उमस से बेहाल लोग, 18 जुलाई तक भूस्खलन का खतरा