उत्तराखंड में मौसम का बदला मिजाज: पहाड़ों में येलो अलर्ट, मैदानों में उमस से बेहाल लोग, 18 जुलाई तक भूस्खलन का खतरा
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देहरादून, दैनिक प्रभातवाणी ।

उत्तराखंड में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। इसका असर प्रदेश के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। जहां पहाड़ी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है, वहीं मैदानी क्षेत्रों में बारिश नहीं होने से उमस और गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र ने कई पर्वतीय जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों और चारधाम यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की है।

मौसम विभाग के अनुसार पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत, अल्मोड़ा, नैनीताल, देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं। विभाग का कहना है कि बारिश का यह दौर स्थानीय स्तर पर मौसम में अचानक बदलाव ला सकता है।

वहीं दूसरी ओर हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर समेत मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क बना हुआ है। बारिश की कमी के कारण वातावरण में नमी बढ़ गई है, जिससे लोगों को दिनभर उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह और शाम के समय भी राहत नहीं मिल रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

18 जुलाई तक भूस्खलन की आशंका

मौसम विज्ञान केंद्र ने 15 से 18 जुलाई के बीच पर्वतीय क्षेत्रों के संवेदनशील मार्गों पर हल्के भूस्खलन, मलबा आने और चट्टानें गिरने की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर के पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। लगातार नमी और बीच-बीच में होने वाली बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़कें बाधित होने की संभावना भी जताई गई है।

चारधाम यात्रियों के लिए विशेष सलाह

चारधाम यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं से मौसम विभाग और प्रशासन ने अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले मार्ग और मौसम की ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करें। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से रुकने से बचें तथा प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। यात्रा के दौरान आवश्यक दवाइयां, वर्षा से बचाव के साधन और पर्याप्त पेयजल साथ रखने की भी सलाह दी गई है।

अगले कुछ दिनों तक ऐसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश में मानसून की गतिविधियां सामान्य बनी रहेंगी। पर्वतीय जिलों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहेगा, जबकि मैदानी क्षेत्रों में उमस और गर्मी का असर बना रह सकता है। यदि बंगाल की खाड़ी से नमी बढ़ती है तो आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है।

प्रमुख बातें

  • पर्वतीय जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी।
  • हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना।
  • हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में उमस भरी गर्मी।
  • 15 से 18 जुलाई तक भूस्खलन और चट्टान गिरने का खतरा।
  • चारधाम यात्रियों को मौसम अपडेट लेकर ही यात्रा करने की सलाह।

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