Spread the loveदेहरादून। दैनिक प्रभातवाणी । उत्तराखंड में मानसून ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। हालात ऐसे हैं कि राज्यभर में 100 से अधिक सड़कें और संपर्क मार्ग बंद हो चुके हैं, जबकि कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी मलबा और चट्टानें गिरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। इससे स्थानीय लोगों, चारधाम यात्रियों और पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 100 से अधिक सड़कें बंद, कई गांवों का संपर्क टूटा लगातार बारिश के कारण पर्वतीय जिलों में जगह-जगह पहाड़ दरक रहे हैं। भूस्खलन से राज्य की 100 से अधिक सड़कें बंद होने की सूचना है। कई ग्रामीण संपर्क मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गए हैं, जिससे अनेक गांवों का जिला मुख्यालयों से संपर्क टूट गया है। सड़कें बंद होने से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। दिल्ली-यमुनोत्री और बदरीनाथ हाईवे पर यातायात ठप बारिश के चलते दिल्ली-यमुनोत्री नेशनल हाईवे और बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आ गए हैं। सुरक्षा के मद्देनज़र प्रशासन ने कई स्थानों पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है। सड़क खोलने के लिए बीआरओ, एनएच विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार मशीनों के साथ मलबा हटाने में जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण राहत कार्य प्रभावित हो रहा है। एनएच-9 पर भारतोली के पास पहाड़ दरका पिथौरागढ़ और चंपावत को जोड़ने वाले एनएच-9 (NH-9) पर भारतोली के पास पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा अचानक सड़क पर आ गिरा। इससे यह महत्वपूर्ण मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। इस मार्ग के बाधित होने से दोनों जिलों के बीच यातायात रुक गया है और आवश्यक सामान की आवाजाही पर भी असर पड़ा है। प्रशासन ने लोगों से इस मार्ग पर यात्रा न करने की सलाह दी है। लखवाड़ बांध परियोजना को नुकसान यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन लखवाड़ बांध परियोजना को भी भारी बारिश का खामियाजा भुगतना पड़ा। परियोजना का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। संबंधित एजेंसियां नुकसान का आकलन कर रही हैं और सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जा रहा है। देहरादून में अस्थायी पुल बहा लगातार बारिश से नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। देहरादून में तेज बहाव के कारण एक अस्थायी पुल बह जाने की सूचना मिली है। इससे आसपास के क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से नदी-नालों के पास न जाने की अपील की है। चारधाम यात्रा पर भी असर लगातार भूस्खलन और हाईवे बंद होने का असर चारधाम यात्रा पर भी दिखाई दे रहा है। बदरीनाथ और यमुनोत्री मार्ग पर कई स्थानों पर यातायात बाधित होने से यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है। प्रशासन लगातार मार्गों की स्थिति की निगरानी कर रहा है और मौसम सामान्य होने के बाद ही वाहनों को आगे बढ़ाने की अनुमति दी जाएगी। प्रशासन की अपील राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पुलिस और जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिना आवश्यक कारण के पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा से बचें। यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और सड़कों की ताजा जानकारी अवश्य लें। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में भूस्खलन, सड़क बंद होने और नदियों के जलस्तर में वृद्धि का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा है और आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को तैनात कर दिया है। Post Views: 2 Post navigation उत्तराखंड में मौसम का कहर: 14 से 16 जुलाई तक रेड और ऑरेंज अलर्ट, कई जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 2026: हर्रावाला से निःशुल्क आस्था ट्रेन रवाना, CM धामी ने दिखाई हरी झंडी; 13 जिलों का पवित्र जल भी पहुंच रहा सोमनाथ